झारखण्ड बोकारो स्वास्थ

चिन्मय विद्यालय में 10वॉ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया गया

बोकारो (ख़बर आजतक) : चिन्मय विद्यालय बोकारो में 10वॉ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विद्यालय के तेजोमयानन्द सभागार में धूमधाम से मनाई गई। संगीत विभाग द्वारा योग पर आधारित गीत गाकर सभी का स्वागत किया गया। विद्यालय के प्राचार्य सूरज शर्मा एवम शारिरिक शिक्षा विभाग द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कक्षा नवमी एवं दशवीं के साथ-साथ कक्षा प्रथम एवं द्वितीय के लगभग 700 विद्यार्थियों एवम 70 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने योग उत्सव में भाग में लिया।

वरीय शारिरिक शिक्षक हरिहर पांडेय ने सूर्यनमस्कार का प्रदर्शन किया एवं सभी को इसके महत्व को समझाया। वही प्रांजल सेकिया एवं संजीव कुमार ने सिरसासन, त्रिकोणासन, ताडासन ,बज्राशन ,भुजंगासन जैसे कई आसन एवम प्राणायाम का प्रदर्शन किया। प्राचार्य सूरज शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आज पूरा विश्व अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही गर्व एवं धूम-धाम से मना रहा है। योग के माध्यम से हम खुद भी शारिरिक और मानसिक रूप से तो स्वस्थ रहेंगे ही साथ ही पूरा समाज स्वस्थ होगा। योग माध्यम से पूरे विश्व को शांति एवम सुखी होने का संदेश देते हैं। हम सभी को प्रत्येक दिन 30-50 मिनट योग अवश्य करनी चाहिए। योग हमारे स्वस्थ समाज का प्रतीक है। योगाम्यास बाल्यकाल से ही करनी चाहिए। इसके हमेशा साकारात्मक परिणाम होते है।


हरिहर पांडेय ने सभी को योग करने एवम योग करने के लिए प्रेरित किया एवं योग करने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर विद्यालय सचिव महेश त्रिपाठी ने सभी को 10वीं अंतराष्ट्रीय दिवस पर संबोधित करते हुए कहा कि भारत के विश्व गुरु बनने का समय है। योग के मामले में भारत विश्व गुरु है। भारत ने योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और योग के जरिए सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा दिया। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग लाभकारी है। यह शरीर को रोगमुक्त रखता है और मन को शांति प्रदान करता है। भारतीय संस्कृति से जुड़ी ये क्रिया अब विदेशों तक फैल चुकी है। हर साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पुरे धूम-धाम से मनाया जाता है और इस दौरान दुनियाभर के लोग सामूहिक रूप से योगाभ्यास करते हैं। इस दौरान उप-प्राचार्य नरमेन्द्र कुमार, गोपाल चंद्र मुंशी, विकाश परिधारिया, रश्मि शुक्ला उपस्थित थे । रण विजय ओझा, ललिता उरांव, नितेश पांडेय, प्रवीण कुमार, विशाल मोर्या , आदर्श आचार्या और अन्य शिक्षकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में बहुमूल्य योगदान दिया। संजीव सिंह एवम प्रांजल सेकिया ने मंच एवम कार्यक्रम का सफल संचालन किया।

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