झारखण्ड राँची

राँची : अभाविप के 76वें वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम संपन्न

देश के लिए आगामी 25 वर्ष महत्वपूर्ण, युवा तय करेंगे देश की दिशा : याज्ञवल्क्य

रिपोर्ट : नितीश मिश्रा

राँची(खबर_आजतक): अभाविप राँची महानगर द्वारा 76वें स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को डाॅ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के ‘मुख्य सभागार’ में ‘तकनीक के नए परिदृश्य में शिक्षा तथा युवा’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। देश-भर में अभाविप के स्थापना दिवस को राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के रुप में मनाया जाता है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान की उपस्थिति रही।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ तपन शांडिल्य ने की व अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल की विशेष उपस्थिति रही। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि अभाविप की 76 वर्षों की यात्रा भारत के विकास में योगदान की यात्रा रही है। ‘ज्ञान, शील, एकता’ ध्येय वाक्य के साथ कार्य करने वाले अभाविप कार्यकर्ताओं ने सदैव ही राष्ट्र प्रथम भावना के साथ कार्य किया है। तकनीकी उपकरणों का प्रयोग करके प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा और अनुरूपण के माध्यम से छात्रों को व्यवहारिक अनुभव प्राप्त हो रहा है। एडाप्टिव लर्निंग सिस्टम छात्रों की व्यक्तिगत जरूरतों और सीखने की गति के अनुसार पाठ्यक्रम को अनुकूलित करते हैं जिससे उनकी शिक्षा का अनुभव अधिक प्रभावी बनता है। तकनीकी प्लेटफॉर्म्स कैरियर परामर्श और मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं जिससे युवाओं को सही करियर पथ चुनने में मदद मिलती है। तकनीक के नए परिदृश्य में डेटा सुरक्षा डिजिटल विभाजन और मानसिक स्वास्थ्य जैसे चुनौतियों का समाधान करना आवश्यक है ताकि शिक्षा और युवा विकास को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने अपने संबोधन में कहा कि अभाविप आज भारत के प्रत्येक परिसर में मौजूद है और व्यक्तित्व निर्माण से राष्ट्र पुनर्निर्माण के ध्येय को लेकर काम कर रही है। तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा का विस्तार हुआ है। तकनीक ने ऑनलाइन शिक्षा को व्यापक रूप से स्वीकार्य और सुलभ बनाया है जिससे विद्यार्थी किसी भी समय और कहीं भी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इंटरनेट के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक पुस्तक के शोध पत्र और अन्य शैक्षणिक संसाधनों तक आसान पहुँच प्राप्त हुई है।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो तपन शांडिल्य ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की कार्यशैली भारतीय समाज की कार्यशैली के अनुरूप सकारात्मक दिशा की ओर कार्य कर रही है। एआई और मशीन लर्निंग तकनीक का उपयोग छात्रों की प्रगति की निगरानी और उनके लिए व्यक्तिगत शिक्षा योजनाएं बनाने में किया जा रहा है। ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म्स निर्जीवन को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विभिन्न कौशल सीखने का अवसर प्रदान किया है। स्टार्टअप के माध्यम से आज युवा न सिर्फ स्वयं आत्मनिर्भर बन रहे हैं बल्कि अन्य नागरिकों के लिए भी रोजगार के सुगम अवसर प्रदान कर रहे हैं। ‘मेरे सीने में ना सही तो तेरे सीने में ही मगर, हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए’ दुष्यंत कुमार की इन पंक्तियों को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि छात्र शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है, यह अभाविप कार्यकर्ताओं द्वारा कहा जाता था और आज हम इसे चरितार्थ होते देख रहे हैं।

वहीं महानगर अध्यक्ष डॉ उमेश कुमार ने स्वागत भाषण के माध्यम से उपस्थित सभी श्रोताओं का स्वागत करते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अपने 75 वर्षों की ध्येय यात्रा को पूर्ण कर 76वें वर्ष में प्रवेश किया है और आज विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन के रूप में बनकर उभरी है। आज अभाविप शिक्षा के साथ समाज, पर्यावरण, सेवा, खेल, तकनीकी, आदि क्षेत्रों में भी प्रमुखता से कार्य कर रही है। अभाविप ने इस यात्रा में मानवता के लिए स्वर्णिम इतिहास लिखा है और अभाविप का यह विराट स्वरुप पूर्व कार्यकर्ताओं के संघर्षों की देन है।

इस कार्यक्रम के अवसर पर अभाविप झारखण्ड प्रदेश अध्यक्ष डॉ दीप नारायण जायसवाल, महानगर अध्यक्ष डॉ उमेश कुमार एवं महानगर मंत्री ऋतुराज शाहदेव अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस दौरान मंच संचालन विभाग की प्रदेश सह मंत्री दिशा दित्या ने किया।

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