झारखण्ड राँची राजनीति

राजमहल विधायक अनन्त ओझा ने सदन में उठाया राज्य में सुखाड़ का मामला

राज्य की सुखाड की स्थिति होती जा रही उत्पन्न: अनन्त ओझा

नितीश_मिश्र

राँची/साहेबगंज(खबर_आजतक): राजमहल विधायक अनन्त ओझा ने बुधवार को मानसून सत्र में चौथे दिन कार्यस्थगन के माध्यम से सदन में राज्य के सुखाड़ का मामला को उठाया। जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को पढ़कर सुनाया। उन्होंने ने कहा कि राज्य में सुखाड़ की स्थिति उत्पन्न होती जा रही है। वर्त्तमान परिदृश्य में देखा जाय तो इस मानसून काल में मात्र राज्य में 43 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई है। खेती के लिए जितनी बारिश हुई, उससे राज्य की स्थिति चिंताजनक बनती जा रही है। यहाँ तक पिछले तीन वर्षों के तुलनात्मक अध्ययन किया जाए तो राज्य में मानसून की स्थिति में घटोत्तरी दर्ज की जा रही है। पूर्वानुमान यह भी लगाई जा रही थी कि जुलाई माह में खेती के लिए अच्छी बारिश होगी, परन्तु राज्य में बारिश की स्थिति असमान दिखाई प्रतीत होती है। इससे कृषकों के समक्ष सुखाइ की स्थिति हो गई है। जुलाई माह में खरीफ फसल के लिए बीजड़ों की बुआई पूर्ण कर ली जाती थी, परन्तु यह अभी तक नहीं हो पाई है।

उन्होंने ने कहा कि वर्त्तमान सरकार राज्य में सुखाड़ की स्थिति के समाधान हेतू आदिनांक किसानों के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं ला पाई है और न ही उनके समक्ष इसके समाधान हेतु अभीतक राज्य में किसानों के स्थिति को सुधारने हेतू कार्ययोजना व घोषणा की है। एक ओर जहाँ केन्द्र की सरकार किसानों के सर्वागीण विकास के लिए लाखों “किसान समृद्धि केन्द्र” राष्ट्र को समर्पित किए गए और झारखण्ड राज्य में 1607 किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित कर किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृत संकल्पित है तथा किसान सम्मान निधि की 14वीं किस्त के माध्यम से सुखाड़ की स्थिति से लाखों किसान के लिए उपाय कर रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के पास सुखाड़ की स्थिति से निपटने हेतू किसानों के प्रति इनकी चिंता ही दिखाई नहीं प्रतीत होती है।

उन्होंने ने माँग किया कि सदन के सभी कार्यों को रोककर राज्य में हो रहे कम बारिश व सुखाइ की स्थिति जैसे महत्त्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर चर्चा करायी जाए।

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