झारखण्ड बोकारो

आत्मशोधन का महापर्व है पर्यूषण : उपासिका विमला

खाद्य संयम दिवस के साथ चास में तेरापंथ समाज का नौदिवसीय कार्यक्रम शुरू

बोकारो (ख़बर आजतक) : परम पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री महाश्रमणजी की महती कृपा से चास बोकारो में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में शनिवार को पर्यूषण महापर्व उत्साहपूर्ण वातावरण में शुरू हुआ। नौ-दिवसीय इस महापर्व की शुरुआत खाद्य संयम दिवस से हुई। विशेष बात यह है कि इस वर्ष भी यहां प्रवचन कार्यक्रम के साथ पर्युषण महापर्व आयोजित किया जा रहा है। इस बार धर्म का अलख जगाने हेतु गुरु आज्ञा से उपासिका श्रीमती विमला मनोत एवं श्रीमती सरला छाजेर जी का आगमन कोलकाता से हुआ है। उपासिका द्वय के सानिध्य में श्री माणक चन्दजी छालाणी के भवन में 01 से 09 सितंबर की अवधि में यह महापर्व आयोजित हो रहा है। इसके तहत सुबह-शाम प्रवचन के सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

पहले दिन खाद्य संयम दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उपासिका द्वय ने कहा कि नौ दिनों का यह महापर्व अपने-आप में आत्मशोधन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए कम खाने तथा जिह्वा पर संयम रखने की प्रेरणा दी। कहा कि अधिक आहार से उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घ जीवन और स्वर्ग, ये तीनों कामनाएं विनष्ट हो जाती हैं। हर व्यक्ति को एक सीमा में रहकर खाने का संयम रखना चाहिए। जैसा हमारा आहार होगा, वैसा ही हमारा आचार-विचार और व्यवहार भी होगा। उन्होंने पर्यूषण आराधना की प्रत्येक नौ साधनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिदिन तीन सामायिक, एक-दो घंटा मौन, एक घंटा स्वाध्याय, नौ द्रव्यों से अधिक खाने का त्याग, ब्रह्मचर्य के पालन, सचित्त और जिमीकंद खाने का त्याग, जप, ध्यान करने, रात्रि भोजन के परिहार, सिनेमा फिल्म आदि के परिहार का संदेश दिया। अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि जैसे बलवान पर धावा बोलने के लिए बल का संचय आवश्यक है, उसी प्रकार रागादि शत्रुओं के घात के लिए सात दिन आध्यात्मिक बल संग्रह को समझना चाहिए। यह पर्व मात्र जैन संस्कृति का ही नहीं, मानव संस्कृति का पर्व है। श्रावक को अपने जीवन में खाद्य और अन्य भोगोपभोग विषयक प्रवृत्तियों में मर्यादा निश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संयम से ही जीवन अनुशासित होता है।उपसिकाद्वय ने बताया कि भगवान महावीर ने चातुर्मास के 50 दिन बीतने पर और 70 दिन बाकी रहने पर पर्युषण पर्व की आराधना की थी। ऐसा समवायांग में उल्लेख है। पहले दिन प्रवचन के अवसर पर मदन चौरड़िया, प्रमोद चौरड़िया, राजेश कोठारी, जीतोश पारख कोठारी, विनोद चोपड़ा, ललिता चोपड़ा, रेणु चौरड़िया, सुमन चौरड़िया आदि सहित जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज के दर्जनों लोग उपस्थित थे। तेरापंथ समाज की तरफ से उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश बोथरा ने दी।

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