रांची: एएच आईवीएफ और बांझपन अनुसंधान केंद्र ने प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में 25 वर्षों की सेवा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इसकी शुरुआत वर्ष 2001 में रांची में पूर्वी भारत के पहले आईवीएफ क्लिनिक के रूप में हुई थी। रजत जयंती के अवसर पर केंद्र द्वारा 25वां बेबी शो आयोजित किया जा रहा है।
केंद्र ने झारखंड, बिहार सहित कई राज्यों के मरीजों को नैतिक और वैज्ञानिक इलाज उपलब्ध कराया है, जहां 70–80 प्रतिशत तक की सफलता दर दर्ज की गई है। एएच आईवीएफ ने बांझपन से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करने और महिलाओं को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है। निदेशक डॉ. जयश्री भट्टाचार्य ने इसे मरीजों और चिकित्सा टीम के विश्वास व समर्पण की उपलब्धि बताया।
