

रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के दूरदर्शी नेतृत्व में झारखंड ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में वैश्विक औद्योगिक और निवेश मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। झारखंड सरकार और टाटा स्टील लिमिटेड के बीच ग्रीन स्टील तकनीक को लेकर ₹11,100 करोड़ से अधिक के निवेश हेतु लेटर ऑफ इंटेंट और एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल से अगली पीढ़ी के औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलेगी तथा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। HISARNA और EASyMelt जैसी उन्नत आयरनमेकिंग तकनीकों से कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी और झारखंड हरित औद्योगिक परिवर्तन में अग्रणी बनेगा।
इसी क्रम में टेक महिंद्रा ने झारखंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, आईटी पार्क और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने में निवेश का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने आईटीआई संस्थानों को अधिक रोजगारोन्मुख बनाने के लिए उद्योग–शिक्षा साझेदारी पर जोर दिया, जिस पर टेक महिंद्रा ने सकारात्मक सहमति जताई।
दावोस से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने एक्स पर ट्वीट कर कहा कि झारखंड को अग्रणी राज्य बनाना उनका संकल्प है। उन्होंने बताया कि विभिन्न वैश्विक कंपनियों के साथ निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत के पहले आदिवासी नेता के रूप में भाग लेने पर मुख्यमंत्री को ‘ह्वाइट बैज’ से सम्मानित किया गया, जिसे उन्होंने झारखंडवासियों को समर्पित किया।
टाटा स्टील, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, श्नाइडर इलेक्ट्रिक सहित कई वैश्विक कंपनियों के साथ हुई बैठकों से झारखंड में टिकाऊ उद्योग, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और रोजगार सृजन के नए द्वार खुले हैं।
