झारखण्ड राँची

परसी महा और ओल चिकी लिपि जनजातीय अस्मिता का जीवंत उत्सव: राज्यपाल


जमशेदपुर (ख़बर आजतक) : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित “22वें परसी महा एवं ओल चिकी लिपि शताब्दी समारोह” के समापन एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की भाषा, संस्कृति, कला और अस्मिता का जीवंत प्रतीक है।


उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सादगी और जनजातीय उत्थान के प्रति प्रतिबद्धता को प्रेरणास्रोत बताया। राज्यपाल ने कहा कि परसी महा संथाली भाषा और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करता है। ओल चिकी लिपि के शिल्पकार पंडित रघुनाथ मुर्मू के योगदान को नमन करते हुए उन्होंने इसे संथाली समाज की पहचान बताया। राज्यपाल ने कहा कि ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प के तहत जनजातीय भाषाओं और संस्कृतियों के संरक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है।

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