झारखण्ड राँची शिक्षा

राँची : साईं नाथ विश्वविद्यालय में न्यायिक दृष्टिकोण पर संवाद, छात्रों को मिला प्रेरणा स्रोत

तकनीकी व मानवीय दृष्टिकोण से जेलों के पुनर्वास केन्द्र बनने पर दिया जोर

रांची (खबर आजतक) : मंगलवार को साईं नाथ विश्वविद्यालय, रांची के बहुउद्देश्यीय हॉल में ‘जेल सुधार’ (Jail Reforms) विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन न्यायमूर्ति दीपक रोशन को एनसीसी कैडेट्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देने के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन और स्वागत समारोह के पश्चात सेमिनार की विधिवत शुरुआत हुई।

मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री दीपक रोशन ने कहा कि जेलें केवल दंड नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केन्द्र होनी चाहिए। उन्होंने न्याय प्रणाली में तकनीकी सुधार और मानवीय दृष्टिकोण के समन्वय पर बल दिया।

सम्मानित अतिथि आईपीएस श्री प्रशांत सिंह ने कहा कि तकनीकी नवाचार जैसे वायरलेस निगरानी और डिजिटल रिकॉर्डिंग जेल प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना रहे हैं।

प्रो. डॉ. पी. के. चतुर्वेदी ने कहा कि जेल सुधार विधिक शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए, जिससे छात्र न्याय की वास्तविक भावना समझ सकें।

कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. पी. अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों में मानवाधिकार और न्याय की भावना विकसित करना है। सेमिनार के अंत में प्रतिभाशाली छात्रों और एनसीसी कैडेट्स को सम्मानित किया गया।

धन्यवाद ज्ञापन विधि विभाग के डीन डॉ. सुमन श्रीवास्तव ने किया।

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