झारखण्ड राँची शिक्षा

रांची विश्वविद्यालय की लापरवाही से छात्राएं पीजी में प्रवेश से वंचित, अफ़ज़ल दुर्रानी ने कुलपति और राज्यपाल से की हस्तक्षेप की मांग

राँची (खबर आजतक): रांची विश्वविद्यालय के अधीन संचालित वोकेशनल कोर्स (सत्र 2022–25) की छात्राएं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा और परिणाम में देरी के चलते देशभर के विश्वविद्यालयों में पीजी प्रवेश से वंचित हो रही हैं। इससे छात्राओं को मानसिक तनाव, आर्थिक दबाव और सामाजिक असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।

इस गंभीर मुद्दे को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (AISF) के राज्य कार्यकारिणी सदस्य अफ़ज़ल दुर्रानी ने रांची विश्वविद्यालय के कुलपति, महामहिम राज्यपाल और यूजीसी को आवेदन भेजकर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।

दुर्रानी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “छात्राओं का भविष्य विश्वविद्यालय के गलियारों में फाइलों की तरह धूल खा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन की सुस्ती और कुलपति की निष्क्रियता से हजारों छात्राओं का करियर दांव पर है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राएं जब जानकारी लेने जाती हैं, तो उन्हें अनादरपूर्ण व्यवहार का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है।

यदि समाधान नहीं हुआ तो दुर्रानी ने झारखंड उच्च न्यायालय में PIL दाखिल करने की चेतावनी दी है। साथ ही, उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि रिजल्ट जल्द घोषित हों और प्रोविजनल एडमिशन की सुविधा दी जाए।

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