राँची

वीर बुद्धु भगत देश के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी जिन्होने अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूँका परन्तु उनके इतिहास को छिपाया गया : फूलचंद तिर्की

नितीश_मिश्र

राँची(खबर_आजतक): केंद्रीय सरना समिति एवं अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के प्रतिनिधिमंडल में शनिवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत वीर बुधू भगत के जन्मस्थली सिलागाई का दौरा किया जिसमें स्मारक समिति के द्वारा झखराकुंबा में आयोजित बैठक में भाग लिया। इस बैठक की अध्यक्षता रघुनाथपुर पंचायत के मुखिया महादेव उराँव ने किया एवं संचालन शिव उराँव ने किया।

इस बैठक में 17 फ़रवरी 2023 को वीर बुधू भगत जयंती धूमधाम से मनाने का निर्णय किया गया साथ ही वीर बुधू भगत के स्मारक समिति का तीन साल पूरा होने पर समिति को सर्वे सम्मति से भंग कर दिया गया एवं आगामी 31 दिसंबर 2022 को बीर बुधू भगत स्मारक समिति का पुर्नगठन करने का निर्णय लिया गया। 31 दिसम्बर 2022 को प्रात: 11 बजे बैठक होगी एवं 12बजे चुनाव होगी। चुनाव की प्रक्रिया स्मारक समिति नीति के संविधान के अनुसार होंगे।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से केंद्रीय सरना समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की एवं अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष सत्यनारायण लकड़ा उपस्थित थे।

केंद्रीय सरना समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि वीर बुधू भगत देश के पहले स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने अंग्रेजों से लड़ाई लड़कर देश का आज़ादी का बिगुल फूँका था लेकिन आज इसका इतिहास को छुपाया गया है। आज राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाने की ज़रूरत है।

इस मौक़े केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक भुवनेश्वर लोहरा, राम किशोर भगत, सत्यनारायण लकड़ा, जॉनी उराँव, मोहम्मद ग़फ़्फ़ार, पवन उराँव, बीरबुध भगत के वंशज शिवपुरी भगत, रामधनी भगत है।

इस दौरान गुड़िया कुमारी, मंजू मिंज, परमेश्वर भगत, डीडीसी जमशेदपुर डीके सिंह, मुकुल कुमार सहित अन्य शामिल थे।

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