राँची (ख़बर आजतक) : प्रकृति महापर्व सरहुल परब चैत्र तृतीया, 21 मार्च को पूरे झारखंड में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। नए वर्ष के आगमन का प्रतीक यह पर्व आदिवासी समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर समाज के लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं एवं बधाइयां दीं।

खददी, बाहा, बा: परब को लेकर पूरे राज्य में सजावट, सुरक्षा व्यवस्था और पारंपरिक आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हतमा सरना स्थल से सिरोम टोली सरना स्थल तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें पहान, पुजार, कोटवार, पाईनभोरा, महतो, पड़हा और खोंड़हा अगुवा शामिल होंगे।
सिरोम टोली आयोजन समिति के अनुसार, महीने भर से तैयारियां चल रही थीं। सभी लोग पारंपरिक वेशभूषा में, नशामुक्त होकर उत्सव में भाग लेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने अपनी भूमिका सुनिश्चित करते हुए आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
