BREAKING NEWS
बिरसा कॉलेज में विद्यार्थियों से पैसे मांगने का आरोप, एबीवीपी ने सौंपा ज्ञापनतंबाकू के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की पहल, कर्मियों ने ली शपथडीएसपीएमयू में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्गठन, नमिता सिंह बनीं डीनईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की प्राथमिकी मामले में हेमंत सोरेन पर ₹10 हजार जुर्मानागांधी-शास्त्री के आदर्शों से विद्यार्थियों को कराया रूबरूएस‌आईआर-2026 की विसंगतियों को लेकर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापनबिरसा कॉलेज में विद्यार्थियों से पैसे मांगने का आरोप, एबीवीपी ने सौंपा ज्ञापनतंबाकू के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की पहल, कर्मियों ने ली शपथडीएसपीएमयू में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्गठन, नमिता सिंह बनीं डीनईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की प्राथमिकी मामले में हेमंत सोरेन पर ₹10 हजार जुर्मानागांधी-शास्त्री के आदर्शों से विद्यार्थियों को कराया रूबरूएस‌आईआर-2026 की विसंगतियों को लेकर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन
Uncategorized

आईएएस की तरह आईपीएस अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो, ‘विशेषाधिकार’ क्यों? : बाबूलाल मरांडी

August 14, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भ्रष्टाचार के मामलों में केवल आईपीएस अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचती है, लेकिन पुलिस विभाग के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती। उन्होंने सवाल किया कि आज तक कोई आईपीएस अधिकारी जेल की सलाखों के पीछे क्यों नहीं गया।

मरांडी ने कहा कि झारखंड में अलग राज्य बनने के बाद कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई हुई और उन्हें जेल जाना पड़ा। उन्होंने सवाल किया कि राज्य में कोयला, बालू, पत्थर और लौह अयस्क के कथित अवैध कारोबार तथा संगठित अपराध का नेटवर्क पुलिस संरक्षण के बिना कैसे चल सकता है।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर अवैध जमीन कारोबार और आपराधिक गिरोहों से कथित सांठगांठ के आरोपों का भी उल्लेख किया। मरांडी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब आईएएस अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है तो आईपीएस अधिकारियों को ऐसा कौन-सा सुरक्षा कवच मिला हुआ है।

← मुख्यमंत्री आवास के आसपास बैरिकेडिंग से आम जनता परेशान : शोभा यादव राहुल गांधी झारखण्ड आकर छात्रों से करें वार्ता : आदित्य साहू →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।