रांची: भाजपा नेता अमर बाउरी ने झारखंड सरकार द्वारा सार्वजनिक किए गए पेशा कानून पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले महीने जिस कानून को पारित किया, उसे अब जिस रूप में सामने लाया गया है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और आदिवासी समाज के साथ छल का स्पष्ट प्रयास है।
अमर बाउरी ने कहा कि कानून में रूढ़िवादी जनजातीय परंपराओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया है, जिससे गैर-आदिवासियों को भी इसका लाभ मिलने की आशंका है। साथ ही वन उपज, खनिज और जल स्रोतों पर ग्राम सभा को पूर्ण अधिकार देने के बजाय सरकार और जिला प्रशासन ने अपने पास नियंत्रण रखा है, जो ग्राम सभा की संवैधानिक शक्तियों को कमजोर करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून 1996 के मूल पेशा कानून की भावना के विपरीत है। भाजपा इसका पुरजोर विरोध करेगी और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर संघर्ष जारी रखेगी।
