रिपोर्ट : नितीश मिश्रा
राँची : झारखंड में बालू घाटों की नीलामी और आवंटन को लेकर लंबे समय से चली आ रही कानूनी अड़चन समाप्त हो गई है। मंगलवार को झारखंड उच्च न्यायालय ने पेसा कानून लागू नहीं किए जाने को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए बालू घाटों के अलॉटमेंट पर लगी रोक हटा दी।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और पंचायती राज विभाग की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य में पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम यानी पेसा की नियमावली लागू कर दी गई है। इस पर संतोष व्यक्त करते हुए उच्च न्यायालय ने अवमानना याचिका का निष्पादन कर दिया और पूर्व में लगाई गई रोक समाप्त कर दी। अदालत के इस आदेश के बाद राज्य में बालू घाटों की नीलामी के बाद उनके आवंटन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। यह याचिका आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की ओर से दायर की गई थी।
