रांची (ख़बर आजतक) : बीआईटी मेसरा के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘डिजिटल युग में प्रबंधन की नई परिभाषा (RMDA) 2026’ का रविवार को भव्य समापन हुआ। यह सम्मेलन डिजिटल परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और प्रबंधन के बदलते आयामों पर केंद्रित रहा, जिसमें देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधार्थियों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया।
संयुक्त संयोजक डॉ. सत्यजीत महतो ने सम्मेलन का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज प्रबंधन जगत स्वचालन से संवर्धन, डेटा से निर्णय, डिजिटल अपनाने से डिजिटल परिपक्वता और स्थायित्व-केंद्रित रणनीतियों की ओर बढ़ रहा है।

मुख्य अतिथि के रूप में सरला बिरला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सी. जगन्नाथ ने एआई की शक्ति और उसकी नैतिक सीमाओं पर जोर देते हुए कहा कि डेटा सूचना देता है, लेकिन दिशा नैतिक मूल्यों से मिलती है। विशिष्ट अतिथि प्रो. अशोक शरण ने अंतर-विषयक अनुसंधान और संस्थागत संसाधनों के प्रभावी उपयोग को समय की आवश्यकता बताया।

विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार झा ने बताया कि सम्मेलन में 110 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। विभिन्न ट्रैकों में उत्कृष्ट शोधकर्ताओं को सम्मानित किया गया। आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों, प्रायोजकों और स्वयंसेवकों के प्रति आभार प्रकट किया तथा भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक आयोजनों की निरंतरता का संकल्प दोहराया
