नितीश मिश्रा
रांची : सरायकेला जिले के गम्हरिया स्थित रामचंद्रपुर मैदान में आयोजित ‘कृष्टी दीपा महोत्सव’ का आयोजन इस वर्ष भव्य आध्यात्मिक स्वरूप में देखने को मिला। ‘अखंड कोल्हान महोत्सव’ के रूप में मनाए जा रहे इस कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य वेस्ट बंगाल से भी हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।

महोत्सव के दौरान भक्ति और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। भजनों और आध्यात्मिक गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया, वहीं लोक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा अपनी पत्नी मीरा मुंडा के साथ एक साधारण श्रद्धालु के रूप में कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने गुरु के चरणों में माथा टेककर राज्य की सुख-समृद्धि और शांति के लिए आशीर्वाद मांगा। मौके पर भाजपा नेता गुरुचरण नायक समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मीडिया से बातचीत में अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह महोत्सव मानव कल्याण, शांति और आध्यात्मिक उन्नति को समर्पित है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन संस्कृति में गुरु और ऋषि-मुनियों का मार्गदर्शन हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हालांकि आयोजन को गैर-राजनीतिक बताया गया, फिर भी पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
