BREAKING NEWS
करमा पूजा को लेकर निगम अलर्ट, पूजा स्थलों पर बढ़ेंगी नागरिक सुविधाएंमहिला उद्यमिता को बाजार से जोड़ते हैं ऐसे आयोजन : दीपिकावाईबीएन में अभियंता दिवस: मॉडल-प्रदर्शनी में दिखी विद्यार्थियों की तकनीकी सोचमिच्छामी दुक्कड़म्… जैन श्रावकों ने संवत्सरी दिवस पर मनाया आस्था, संयम और क्षमा का पर्वरांची जिला दुर्गा पूजा समिति के आठवीं बार संरक्षक बने संजय सिंह, नमन भारतीय को मिली मंत्री की जिम्मेदारीभू-धंसान से मौतें हादसा नहीं, राज्य पोषित अवैध खनन का नतीजा : प्रतुल शाहदेवकरमा पूजा को लेकर निगम अलर्ट, पूजा स्थलों पर बढ़ेंगी नागरिक सुविधाएंमहिला उद्यमिता को बाजार से जोड़ते हैं ऐसे आयोजन : दीपिकावाईबीएन में अभियंता दिवस: मॉडल-प्रदर्शनी में दिखी विद्यार्थियों की तकनीकी सोचमिच्छामी दुक्कड़म्… जैन श्रावकों ने संवत्सरी दिवस पर मनाया आस्था, संयम और क्षमा का पर्वरांची जिला दुर्गा पूजा समिति के आठवीं बार संरक्षक बने संजय सिंह, नमन भारतीय को मिली मंत्री की जिम्मेदारीभू-धंसान से मौतें हादसा नहीं, राज्य पोषित अवैध खनन का नतीजा : प्रतुल शाहदेव
Uncategorized

नियुक्ति के तीन माह बाद भी नहीं मिली पोस्टिंग, सड़क हादसे में शिक्षिका की मौत

June 26, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

सरायकेला: मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाने वाली नवनियुक्त सहायक शिक्षिका सुलेखा महतो की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह सोनुवा प्रखंड के भालुरूंगी गांव की रहने वाली थीं और दो छोटे बच्चों की मां थीं।

बताया गया कि नियुक्ति मिलने के करीब तीन महीने बाद भी उन्हें किसी विद्यालय में पदस्थापित नहीं किया गया था। इस दौरान उन्हें प्रतिदिन सरायकेला जिला शिक्षा कार्यालय में हाजिरी लगाने के लिए बुलाया जाता था। 24 जून को कार्यालय से लौटते समय उनकी स्कूटी को एक तेज रफ्तार हाईवा ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। वहीं, यह भी सवाल उठ रहा है कि नियुक्ति के तीन माह बाद भी उनकी पदस्थापना क्यों नहीं की गई।

← रिम्स निदेशक के इस्तीफे पर भाजपा का स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना दान विवाद के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।