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विश्व स्तनपान सप्ताह: मुस्कान हॉस्पिटल के सेमिनार में गूंजा संदेश, मां का दूध ही नवजात के स्वस्थ भविष्य की सबसे मजबूत नींव

August 6, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 2 min read


बोकारो (ख़बर आजतक) : विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर गुरुवार को मुस्कान हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम थी – “जीवन में एक स्थायी शुरुआत के लिए स्तनपान: जो प्रभावी है, उसे मजबूत करें।” सेमिनार में चिकित्सकों ने नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए स्तनपान को सबसे प्रभावी उपाय बताया।


कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. उषा सिंह ने किया। इस दौरान वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एस. सी. मुंशी, मुख्य वक्ता डॉ. हर्षिता, अस्पताल के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न, स्वास्थ्यकर्मी तथा निदेशक मंडल के सदस्य मौजूद रहे।


डॉ. हर्षिता ने कहा कि जन्म के बाद पहले छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। इससे शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है तथा कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। उन्होंने माताओं को जागरूक करने और स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने में स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया।


सेमिनार में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 85.6 प्रतिशत के साथ अंडमान-निकोबार स्तनपान कराने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शीर्ष पर है, जबकि छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी उसके बाद हैं। वहीं 34 प्रतिशत के साथ उत्तर प्रदेश सबसे निचले पायदान पर है।


कार्यक्रम के अंत में उप चिकित्सा अधीक्षक श्रीमती वंदना सहाय ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। वक्ताओं ने संकल्प लिया कि स्तनपान को लेकर जागरूकता अभियान को घर-घर तक पहुंचाकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को और मजबूत बनाया जाएगा।

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