BREAKING NEWS
डीएसपीएमयू में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्गठन, नमिता सिंह बनीं डीनईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की प्राथमिकी मामले में हेमंत सोरेन पर ₹10 हजार जुर्मानागांधी-शास्त्री के आदर्शों से विद्यार्थियों को कराया रूबरूएस‌आईआर-2026 की विसंगतियों को लेकर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापनसीसीएल के रक्तदान शिविर में 191 कर्मियों ने किया स्वैच्छिक रक्तदानराज्यपाल से मिले चैंबर के नवनिर्वाचित पदाधिकारी, कारोबार और निवेश पर हुई चर्चाडीएसपीएमयू में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्गठन, नमिता सिंह बनीं डीनईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की प्राथमिकी मामले में हेमंत सोरेन पर ₹10 हजार जुर्मानागांधी-शास्त्री के आदर्शों से विद्यार्थियों को कराया रूबरूएस‌आईआर-2026 की विसंगतियों को लेकर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापनसीसीएल के रक्तदान शिविर में 191 कर्मियों ने किया स्वैच्छिक रक्तदानराज्यपाल से मिले चैंबर के नवनिर्वाचित पदाधिकारी, कारोबार और निवेश पर हुई चर्चा
Uncategorized

श्रावणी मेले में कांवरियों की सेवा में जुटी ‘इस्पात संजीवनी’, सैकड़ों श्रद्धालुओं को मिली चिकित्सा सुविधा

August 17, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

बोकारो : बोकारो इस्पात संयंत्र की ओर से बैद्यनाथ धाम, देवघर में श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों की निस्वार्थ सेवा के लिए पिछले ढाई दशकों से प्राथमिक चिकित्सा शिविर लगाया जा रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सीएसआर विभाग के तहत पिरामल स्वास्थ्य द्वारा संचालित मेडिकल मोबाइल यूनिट ‘इस्पात संजीवनी’ की टीम देवघर स्थित बोकारो इस्पात धर्मशाला में श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है।

मेडिकल कंसल्टेंट, परिचारिका, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और बैद्यनाथ सेवा ट्रस्ट के स्वयंसेवकों की टीम लगातार कांवरियों के प्राथमिक उपचार में जुटी है। अब तक सैकड़ों श्रद्धालुओं को प्राथमिक चिकित्सा, आवश्यक दवाएं और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा चुकी हैं।

उल्लेखनीय है कि 3 अगस्त 2026 को इस्पात भवन परिसर से मेडिकल टीम को हरी झंडी दिखाकर देवघर रवाना किया गया था। श्रावणी मेले के दौरान टीम लगातार सेवा में जुटी रहेगी। यह पहल बीएसएल की सामाजिक प्रतिबद्धता और जनकल्याण के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है।

← सोनपुरा में छोगा लाल सिंह के बारहवीं श्राद्धकर्म में उमड़ी श्रद्धा, जनप्रतिनिधियों व समाजसेवियों ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि 37,499 विस्थापित परिवारों के नियोजन का विस्तृत ब्योरा मांगा, 5 सितंबर तक सूची देने का निर्देश →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।