BREAKING NEWS
चास के तेलीडीह फोरलेन महारत्नम के पास खुला बोकारो का प्रीमियम प्री-ओन्ड कार शोरूम, ग्राहकों को मिलेगा भरोसेमंद और शानदार अनुभवमिथिला अकादमी में अलंकरण समारोह, कुमुद कुमार ठाकुर ने दिया नेतृत्व और अनुशासन का संदेशसीसीएल कथारा क्षेत्र का निर्देश: स्वांग में अवैध कब्जे वाले क्वार्टर पर होगी सख्त कार्रवाईमाटी कला बोर्ड के पुनर्गठन की मांग, कुम्हार समाज ने विधायक उमाकांत रजक व श्वेता सिंह को सौंपा ज्ञापन‘कलांजलि’ प्रदर्शनी में छात्रों ने दिखाया नवाचार और रचनात्मकता का संगम77वें वन महोत्सव के सफल आयोजन पर अधिकारियों और कर्मचारियों का जताया आभारचास के तेलीडीह फोरलेन महारत्नम के पास खुला बोकारो का प्रीमियम प्री-ओन्ड कार शोरूम, ग्राहकों को मिलेगा भरोसेमंद और शानदार अनुभवमिथिला अकादमी में अलंकरण समारोह, कुमुद कुमार ठाकुर ने दिया नेतृत्व और अनुशासन का संदेशसीसीएल कथारा क्षेत्र का निर्देश: स्वांग में अवैध कब्जे वाले क्वार्टर पर होगी सख्त कार्रवाईमाटी कला बोर्ड के पुनर्गठन की मांग, कुम्हार समाज ने विधायक उमाकांत रजक व श्वेता सिंह को सौंपा ज्ञापन‘कलांजलि’ प्रदर्शनी में छात्रों ने दिखाया नवाचार और रचनात्मकता का संगम77वें वन महोत्सव के सफल आयोजन पर अधिकारियों और कर्मचारियों का जताया आभार
Uncategorized

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में संत जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य ने प्रस्तुत किया शोध पत्र

July 23, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: संत जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फ़ादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर, एसजे ने यूनाइटेड किंगडम स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के हैरिस मैनचेस्टर कॉलेज में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में झारखंड के जादूगोड़ा यूरेनियम खदान और झरिया कोयला क्षेत्रों में खनन से होने वाले विस्थापन एवं उसके मानवीय प्रभावों पर शोध पत्र प्रस्तुत किया।

20 से 22 जुलाई तक आयोजित संगोष्ठी “भविष्य को आकार देना: बदलती दुनिया में इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और बिजनेस” में उन्होंने बताया कि खनन के कारण लोगों को घर और जमीन छोड़नी पड़ती है, जिससे उनके रोजगार, आय, स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। शोध में जादूगोड़ा और झरिया के प्रभावित समुदायों की समस्याओं और संघर्षों का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया गया।

इस शोध प्रस्तुति पर सतत विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े मुद्दों पर विश्वभर से आए विद्वानों और शोधकर्ताओं के बीच सार्थक चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन प्रतिष्ठित शिक्षाविद् ब्रायन माउंटफोर्ड और एफ. किंग अलेक्जेंडर ने किया।

← चन्द्रशेखर आजाद की जयंती पर प्रतिमा पर माल्यार्पण, दी गई श्रद्धांजलि झारखंड सड़क परियोजनाओं पर सांसद चन्द्र प्रकाश चौधरी ने गडकरी से मुलाकात →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।