झारखण्ड राँची राजनीति

मुख्यमंत्री बताएँ 26001शिक्षक बहाली के विज्ञापन की स्थानीय और नियोजन नीति क्या है ?: भानु प्रताप शाही

नितीश_मिश्र

राँची(खबर_आजतक): हेमंत सरकार की अस्पष्ट नियोजन और स्थानीय नीति के बीच राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित 26 हजार एक शिक्षकों की नियुक्ति के विज्ञापन पर गुरुवार को भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने हेमंत सरकार पर कड़ा हमला बोला। इस दौरान प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए भानु प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो शेर की जनता के सामने आएं और अपने सरकार की स्थानीय और नियोजन नीति को स्पष्ट करें। नही तो जनता समझ चुकी है कि ये मिट्टी का शेर है जो बार बार पीछे मुड़कर भाग जाता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्वयं स्वीकार किया है कि 1932 उनकी पार्टी का मुद्दा है कोई संकल्प नही। झामुमो राज्यहित से जुड़े गभीर सवालों को केवल मुद्दा के रुप में जिंदा रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता को धोखा देते हुए 60/40की नीति पर अमल करते हुए राज्य से बाहर के लोगों के लिए दरवाजा खोल चुकी है।

पारा शिक्षकों को दिया धोखा

भानू प्रताप शाही ने कहा कि अपने घोषणा पत्र में पारा शिक्षकों को नियमित करने की बात करने वाले राज्य के हजारों पारा शिक्षकों को हेमंत सरकार ने केवल धोखा दिया है। साढ़े तीन वर्षों में इस सरकार ने केवल पारा शिक्षकों को नाम बदलकर सहायक शिक्षक करने के अलावा कुछ नही दिया। आज तक इनके वेतनमान की घोषणा नही की गई।

केवल टेट पास के शर्त से उच्च शिक्षा धारी प्रशिक्षित युवा निराश, समानता के अधिकार से किया वंचित

भानु प्रताप शाही ने कहा कि विज्ञापन में केवल टेट पास युवक युवतियों को ही आवेदन करने की शर्त लगाई है जबकि राज्य में 2016में हुई टेट परीक्षा के बाद अबतक 7से 8लाख युवा बीएड , बीटी का प्रशिक्षण ले कर वेकेंसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लेकिन आज के विज्ञापन में केवल टेट पास का शर्त लगाने के कारण इनके उम्मीदों पर पानी फिर गया है। उन्होने कहा कि पिछली सरकार में प्रतिवर्ष टेट परीक्षा आयोजित करने के नियम का अनुपालन हेमंत सरकार ने नही किया। एक तरफ टेट परीक्षा आयोजित नही हुई दूसरी ओर वेकेंसी में टेट की बाध्यता कर दी गई।
उन्होने कहा कि युवाओं को नौकरी में समानता के अधिकार से वंचित किया जा रहा।

उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं इस सरकार ने जारी विज्ञापन में महिलाओं केलिए 50%सीट आरक्षित किए जाने के प्रावधान का भी उल्लंघन किया है साथ ही विज्ञापन में वेतनमान और ग्रेड पे को भी आधा कर दिया गया है।

इस दौरान भानू प्रताप शाही ने कहा कि कई क्षेत्रीय भाषाओं में टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को प्रकाशित विज्ञापन में नही जोड़ा गया है जिससे हजारों की संख्या में ऐसे बेरोजगार युवक निराश हैं।

नियोजन में भी तुष्टिकरण

भाजपा के भवनाथपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री भानू प्रताप शाही ने कहा कि हेमंत सरकार एक तरफ टेट पास अभ्यर्थियों का अल्पसंख्यक विद्यालयों में सीधी नियुक्ति कर रही वहीं सामान्य सरकारी विद्यालयों में टेट पास केलिए परीक्षा का शर्त लाद रही। जिससे नियोजन में भी सरकार का तुष्टिकरण उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने भाषणों में प्रतियोगिता परीक्षा का रिजल्ट जारी कर ने वालों को जेल भेजने की बात करते हैं। तो उन्हे बताना चाहिए की इस बहाली के रिजल्ट का क्या हश्र होगा।

भाजपा युवाओं की आवाज हर प्लेटफार्म पर उठाती रहेगी

इस दौरान शाही ने कहा कि हेमंत सरकार जबतक स्थानीय और नियोजन नीति स्पष्ट नहीं करेगी तबतक भाजपा इस ठगबंधन की कथनी और करनी के अंतर को लोकतांत्रिक तरीके से सभी प्लेटफार्म पर जोरदार तरीके से उजागर करती रहेगी।

इस प्रेसवार्ता में विधायक केदार हाजरा एवं प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी भी उपस्थित थे।

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