झारखण्ड राँची

झारखण्ड कौशल प्रतियोगिता 2023-2024 का समापन, इंडिया स्किल में हिस्सा लेंगे विजेता

कौशल किसी भी शिक्षा पद्धति में वैल्यू एडिशन होता है: मुकेश कुमार

नितीश_मिश्र

राँची(खबर_आजतक): झारखण्ड कौशल विकास मिशन सोसाईटी श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, झारखण्ड सरकार द्वारा झारखण्ड कौशल प्रतियोगिता 2023-2024 का पुरस्कार वितरण सह समापन समारोह रैडिसन ब्लू में शुक्रवार को आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।

इस समापन समारोह का शुभारंभ विभागीय अधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत तथा अतिथियों द्वारा द्वीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। राजीव खरे, प्रोजेक्ट मैनेजर, यूएनडीपी द्वारा स्वागत भाषण के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।

11 मार्च को आईएचएम राँची में उद्धाटन समारोह के साथ शुरू होकर राजधानी के पाँच संस्थानों में आयोजित की गई पाँच दिवसीय प्रशिक्षण सह प्रतियोगिता में राज्य भर से चयनित कुल 237 प्रतिभागियों ने राज्य विशष्ट 14 ट्रेड में भाग लेकर अपना हुनर दिखाया। इस प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रथम पुरस्कार रु. 21000, द्वितीय पुरस्कार रु. 11000 एवं तृतीय पुरस्कार रु. 6000 की राशि प्रदान की जाएगी।

इस प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया स्किल्स 2023-2024’ में भाग लेंगे, जहाँ देश के विभिन्न राज्यों के चयनित प्रतिभागी प्रतिस्पर्धा में भाग लेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर विजेता प्रतिभागियों को इस साल फ्रांस के ल्योन शहर में आयोजित होने वाले ‘वर्ल्ड स्किल्स 2023-2024’ में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा।

इस दौरान मुख्य अतिथि श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने अपने अभिभाषण में विजेताओं को बधाई दी और राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया स्किल्स 2023-2024’ प्रतिस्पर्धा के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि “कौशल, किसी भी शिक्षा पद्धति में वैल्यू एडिशन करता है। बदलते वक्त के साथ हमें स्किल्स की जरूरत को समझने की अवश्यकता है क्योंकि स्किल हमें समय के साथ चलने में मदद करता है। हम सबको पारंपरिक कौशल के अलावा भी नए क्षेत्रों को आजमाने की जरूरत है और इस क्षेत्र में हमें सामूहिक प्रयास करना होगा।” उन्होंने स्किल क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं के बारे में बताते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्यूरिटी, कोडिंग, ब्लाॅक चेन टेक्नोलाॅजी और जीनोम मैपिंग के बारे में बात की।

वहीं श्रम आयुक्त सह मिशन निदेशक संजीव बेसरा ने झारखण्ड कौशल विकास मिशन सोसाईटी ने प्रतिभागियों की सराहना की और विजेताओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हमारे युवाओं को राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना कौशल और हुनर दिखाने का मौका मिले।” उन्होंने राज्य स्तर पर ‘झारखण्ड कौशल प्रतियोगिता 2023-2024’ के सफल आयोजन के लिए झारखण्ड कौशल विकास मिशन सोसाईटी और यूएनडीपी टीम की सराहना की।

बी. के. सिंघा, क्षेत्रीय निदेशक, आरडीएसडीई ने विजेताओं को शुभकामना देते हुए कहा कि “वर्ल्ड स्किल्स में जाने के लिए हमें जमीनी स्तर से शुरुआत और मेहनत करने की जरूरत है। उन्होने कहा कि हमारे विजेता जो राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचे हैं, वो अंतराष्ट्रीय स्तर पर जाकर हमारे राज्य का नाम रौशन करें।”

आईएचएम के प्राचार्य डॉ भूपेश कुमार ने प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि “मैंने प्रतियोगिता के दौरान हर प्रतिभागी को पूरी लगन और मेहनत से भाग लेते हुए देखा है। प्रतिभागियों ने मेरी उम्मीद से बढ़कर प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मेरे लिए हर प्रतिभागी विजेता है।” उन्होंने अपने संबोधन के अंत में कहा कि “हुनर है तो कद्र है, हुनर है तो पहचान है”

झारखण्ड कौशल प्रतियोगिता 2023-2024 का पुरस्कार सह समापन समारोह में मुख्य रूप से प्रतियोगिता के ज्यूरी मेंमबर्स, मेंटोर्स, विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि, प्रशिक्षण सेवा प्रदाता, झारखण्ड कौशल विकास मिशन सोसाईटी के अधिकारी, यूएनडीपी प्रतिनिधि, प्रतियोगिता के सभी प्रतिभागी मौजूद थे।

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