रिपोर्ट : नितीश मिश्रा
राँची (ख़बर आजतक) : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में 20 एवं 21 जनवरी को स्नातकोत्तर हिंदी विभाग तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी का विषय “21वीं सदी के हिंदी साहित्य में अभिव्यक्त आदिवासी जीवन संदर्भ” रखा गया है, जो वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक है।
संगोष्ठी का उद्घाटन राज्यसभा सांसद एवं साहित्यकार महुआ माजी करेंगी। कुलसचिव धनंजय द्विवेदी ने इसे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया। आयोजन सचिव जिंदर सिंह मुंडा ने कहा कि साहित्य, मीडिया और सिनेमा समाज से संवाद के सशक्त माध्यम हैं।
संगोष्ठी में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विद्वान भाग लेंगे। अब तक 250 प्रतिभागी पंजीकृत हो चुके हैं, जो शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। संगोष्ठी के निष्कर्षों को आलेख रूप में संकलित किया जाएगा।
