रिपोर्ट : नितीश मिश्रा
रांची (ख़बर आजतक) : झारखण्ड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने होटल चाणक्या बीएनआर, रांची में आयोजित बहुभाषी शिक्षा पर राष्ट्रीय कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि झारखण्ड भाषायी विविधता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि राज्य में पाँच जनजातीय व चार क्षेत्रीय भाषाएँ हैं और बहुभाषी शिक्षा ही समावेशी व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूत नींव है।
मंत्री ने मातृभाषा आधारित शिक्षा को वैज्ञानिक व भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों को अपनी भाषा में शिक्षा देना भाषाओं के संरक्षण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने पलाश परियोजना को 8 से बढ़ाकर सभी जिलों तक विस्तार देने की आवश्यकता जताई।
इस अवसर पर बहुभाषी शैक्षणिक सामग्री में योगदान देने वाली छात्राओं व शिक्षकों को सम्मानित किया गया तथा देशभर से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया।
