झारखण्ड राँची

भाषा वैचारिक आदान प्रदान के लिए आवश्यक: गीता कोड़ा

नितीश_मिश्र

राँची(खबर_आजतक): “हो” भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग को लेकर आदिवासी हो समाज युवा महासभा की अगुवाई में देश के विभिन्न राज्यों से “हो” समाज के हजारों लोगों ने एकजुट होकर सोमवार को नई दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर धरना सह प्रदर्शन किया। इसमें असम, बंगाल, उड़ीसाञ, झारखंड, आदि राज्यों से “हो” समाज के लोगों ने भाग लिया। आदिवासी “हो” समाज युवा महासभा, आदिवासी “हो” समाज महासभा, आदि संस्कृति विज्ञान संस्थान, “हो” स्टूडेंट युनियन, भुवनेश्वर, आदिवासी कल्याण केन्द्र, किरीबुरू, कोल हो हयम सनागोम सोसाइटी, बंगाल, दिसुम दिल्ली, आल इंडिया हो लैंग्वेज एक्सन कमिटी, मानकी मुन्डा संघ से गणेश पाठ पिंगुवा के साथ ही सिंहभूम सांसद गीता कोड़ा और जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु सहित अन्य ने भाग लिया।

इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि *भाषा वैचारिक आदान प्रदान के लिए जरूरी है। भाषा के बिना समाज अधूरा है। भले ही हम सब अलग अलग संगठन से हों, अलग अलग प्रदेश से हों इसके बाद भी “हो” भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की हमारी माँग एक है। हम सबको मिलकर भाषा के लिए लड़ना है। “हो” भाषा हमारी मातृभाषा है, हमारी पहचान है। “हो” भाषा-भाषी लोगों की जनसंख्या 40 लाख से भी अधिक है। हमारी मांग बिल्कुल जायज है। “हो” भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की माँग पर मैं समाज के साथ हूँ, समाज के साथ कदम से कदम मिलाते हुए हर संघर्ष के लिए तैयार हूँ। गीता कोड़ा ने आगामी जनगणना में अलग धर्म कोड का आह्वान भी किया।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में बबलू सुन्डी, गब्बर सिंह हेम्ब्रम, यदुनाथ तियु, लक्ष्मीधर तियु, बिरेन तुबिड़,गिरीस हेम्ब्रम, रामराई मुन्दुईया, ईपील सामड़, शिवशंकर कान्डेयांग आदि का योगदान रहा।

Related posts

झारखंड आंदोलनकारी जेम्स बॉन्ड खलखो के निधन पर शोक की लहर, सुदेश महतो ने दी श्रद्धांजलि

admin

मनरेगा कानून में बदलाव के विरोध में कांग्रेस का पैदल मार्च, केंद्र सरकार पर तीखा हमला

admin

“आदित्य विक्रम जयसवाल आपके द्वार” कार्यक्रम में आदित्य विक्रम ने किया गोसाई टोली का भ्रमण, जनसमस्याओं से हुए अवगत

admin

Leave a Comment