BREAKING NEWS
खान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथखान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
Uncategorized

रांची में 73.94% गणना प्रपत्र वितरित, 23.67% का डिजिटाइजेशन पूरा

July 12, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत रांची जिले में एन्यूमरेशन फॉर्म के वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी- सह- उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर सभी विधानसभा क्षेत्रों में अभियान की नियमित निगरानी की जा रही है।

12 जुलाई शाम 4 बजे तक जिले के 26.74 लाख मतदाताओं में से 19,77,617 फॉर्म (73.94%) वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 6,33,075 फॉर्म (23.67%) का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। फॉर्म वितरण में सिल्ली विधानसभा क्षेत्र 96.22 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है, जबकि डिजिटाइजेशन में भी सिल्ली (34.13%) और मांडर (33.92%) बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा करें, ताकि अभियान समय पर पूरा किया जा सके।

← स्वतंत्रता दिवस पर 25 हजार सरकारी नियुक्तियों की हो सकती है घोषणा स्मार्ट सिटी में बुजुर्ग दंपत्ति से बदसलूकी, दो छात्र हिरासत में →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।