राँची(नितीश मिश्र): चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ हो चुका है राजधानी रांची में चैती दुर्गा पूजा का आयोजन कई इलाकों में होती है लेकिन भुतहा तालाब स्थित चैती दुर्गा पूजा महासमिति सबसे पुरानी पूजा समिति है बता दे सन् 1926 से लगातार चैती दुर्गा पूजा का आयोजन समिति द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर अध्यक्ष शंकर दुबे ने बताया कि इस वर्ष महासमिति का 100वाँ पूरा हो रहा है जिसे शताब्दी वर्ष के तौर पर मनाने की तैयारी है। आगामी 4 अप्रैल को पूजा पंडाल का उद्घाटन किया जाएगा साथ ही साथ इस इस वर्ष की विसर्जन शोभायात्रा आकर्षण का केन्द्र होगा जिसमें गायक विक्की छाबड़ा अपने मधुर संगीत से भक्तों का उत्साह बढ़ाएंगे, कोलकाता की तासा पार्टी, झारखंड के पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ तुरतुरी मंडली का भव्य प्रदर्शन, 51 महावीरी झंडे शामिल रहेंगे जो शोभायात्रा के शान को बढ़ाने का काम करेंगे वहीं 7 रथों पर सजी देवी देवताओं का मनमोहक दृश्य देखने को मिलेगा।
1926 में पूजा का शुरूवात किया गया था
महामंत्री गोपाल पारीक ने कहा कि राँची में सर्वप्रथम चैती दुर्गा पूजा का आयोजन भुतहा तालाब स्थित चैती दुर्गा पूजा महासमिति द्वारा ही किया किया गया था। शुरूआती दौर में छोटे प्रारूप से पूजा का शुरुवात हुआ जो अब विशाल रूप पा चुका है। चैती दुर्गा पूजा महासमिति भुतहा तालाब का पूजा लोगो के लिए आस्था का केंद्र है विभिन्न इलाकों से भक्त अपनी मनोकामनाए लेकर पहुँचते है। इस वर्ष की पूजा बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि शताब्दी वर्ष मनाई जा रही है।
इस अवसर पर संरक्षक किशोर साहू, उदय साहू, रमेश सिंह, शंकर दूबे, गोपाल पारीक, संजय सिंह, दीपू सिंह, सौरभ , नमन मौजूद थे।