BREAKING NEWS
मिच्छामी दुक्कड़म्… जैन श्रावकों ने संवत्सरी दिवस पर मनाया आस्था, संयम और क्षमा का पर्वरांची जिला दुर्गा पूजा समिति के आठवीं बार संरक्षक बने संजय सिंह, नमन भारतीय को मिली मंत्री की जिम्मेदारीभू-धंसान से मौतें हादसा नहीं, राज्य पोषित अवैध खनन का नतीजा : प्रतुल शाहदेवकोयले के अवैध कारोबार की खबर चलाने पर पत्रकार को धमकी, थाना में शिकायतखेल युवाओं में अनुशासन और नेतृत्व की भावना विकसित करते हैं : सुदेश महतोहिंदी हमारी पहचान, हमारी शान : सरला बिरला स्कूल में गूंजा हिंदी प्रेममिच्छामी दुक्कड़म्… जैन श्रावकों ने संवत्सरी दिवस पर मनाया आस्था, संयम और क्षमा का पर्वरांची जिला दुर्गा पूजा समिति के आठवीं बार संरक्षक बने संजय सिंह, नमन भारतीय को मिली मंत्री की जिम्मेदारीभू-धंसान से मौतें हादसा नहीं, राज्य पोषित अवैध खनन का नतीजा : प्रतुल शाहदेवकोयले के अवैध कारोबार की खबर चलाने पर पत्रकार को धमकी, थाना में शिकायतखेल युवाओं में अनुशासन और नेतृत्व की भावना विकसित करते हैं : सुदेश महतोहिंदी हमारी पहचान, हमारी शान : सरला बिरला स्कूल में गूंजा हिंदी प्रेम
Uncategorized

सेल अध्यक्ष ने खदानों का किया निरीक्षण, 2030 तक उत्पादन लक्ष्य दोहराया

June 27, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

बोकारो : स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. ए. के. पांडा ने ओडिशा एवं झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस का दौरा कर खनन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बरसुआ, तालडीह, कालता, बोलानी, गुआ, किरीबुरू और मेघाहातुबुरू लौह अयस्क खदानों का निरीक्षण किया तथा कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

किरीबुरू स्थित लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर में आयोजित समीक्षा बैठक में सुरक्षा, उत्पादन वृद्धि, खदान विकास, डिजिटल परिवर्तन और परिचालन उत्कृष्टता पर चर्चा हुई। डॉ. पांडा ने वर्ष 2030-31 तक 35 मिलियन टन क्रूड स्टील उत्पादन क्षमता हासिल करने तथा कैप्टिव खदानों से प्रतिवर्ष 100 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन का लक्ष्य दोहराया। उन्होंने कहा कि मजबूत खनन परिचालन से कच्चे माल की निर्बाध उपलब्धता, लागत प्रतिस्पर्धा और कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति को मजबूती मिलेगी। उन्होंने एआई आधारित डिजिटल तकनीकों के उपयोग, उत्पादकता, सुरक्षा और सतत खनन पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया।

← भीम आर्मी ने महापौर को ज्ञापन सौंपकर प्राथमिक विद्यालय का नाम परिवर्तन करने की मांग की सियारी के बिरहोर डंडा में पेयजल संकट, 500 मीटर दूर से ला रहे पानी →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।