
रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में पीएचडी और स्नातकोत्तर में नामांकन को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। विश्वविद्यालय अक्टूबर के अंत तक दोनों पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है। सोमवार को कुलपति डॉ. राजीव मनोहर की अध्यक्षता में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इससे जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

पीएचडी नामांकन के लिए यूजीसी रेगुलेशन-2022 के प्रावधान लागू होंगे। जेआरएफ, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं पीएचडी के लिए पात्र तथा नेट-जेट उत्तीर्ण अभ्यर्थी नामांकन के लिए पात्र होंगे। विश्वविद्यालय अलग से प्रवेश परीक्षा नहीं लेगा। शोध सीटें विभागों में उपलब्ध रिक्तियों और पर्यवेक्षकों की क्षमता के आधार पर तय होंगी।
वहीं, पीजी प्रवेश में नई शिक्षा नीति के तहत तीन वर्षीय स्नातक करने वाले विद्यार्थियों के साथ पुराने पाठ्यक्रम से स्नातक विद्यार्थियों को भी अवसर मिलेगा। कुलपति ने कहा कि विद्यार्थी हित को ध्यान में रखते हुए दोनों प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी।
