रूपी सोरेन का निधन, झारखंड आंदोलन के संघर्षशील दौर की साक्षी थीं

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का बुधवार को निधन हो गया। उन्होंने 7 अक्टूबर को रांची के हिल व्यू अस्पताल में अंतिम सांस ली। डॉक्टर दीपक गुप्ता और डॉ. उज्जवल राय ने उनके निधन की पुष्टि की। उनके निधन की खबर से सोरेन परिवार और झामुमो में शोक की लहर है।

रूपी सोरेन लंबे समय से अस्वस्थ थीं। सितंबर में सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को हालत बिगड़ने पर उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

रूपी सोरेन का जीवन झारखंड आंदोलन के संघर्षपूर्ण दौर से जुड़ा रहा। वर्ष 1962 में शिबू सोरेन से विवाह के बाद उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी संभाली। जब शिबू सोरेन आदिवासी अधिकारों और महाजनी शोषण के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय थे, तब रूपी सोरेन ने बच्चों और परिवार को संभाला।

उनके चार बच्चों में दुर्गा सोरेन, हेमंत सोरेन, बसंत सोरेन और अंजनी सोरेन शामिल हैं। रूपी सोरेन ने 1999 में दुमका लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली।

जुलाई 2025 में शिबू सोरेन के निधन के बाद वह परिवार के लिए भावनात्मक आधार बनी रहीं। जून 2026 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण प्रदान किया था। यह सम्मान रूपी सोरेन ने राष्ट्रपति भवन में ग्रहण किया था।

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