
बोकारो (ख़बर आजतक) : विस्थापित समूह के आंदोलन के कारण बोकारो इस्पात संयंत्र में औद्योगिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होने का दावा किया गया है। 17 अक्टूबर 2026 की उत्पादन रिपोर्ट के अनुसार, संयंत्र के सभी प्रवेश द्वार अवरुद्ध होने से कर्मचारियों और श्रमिकों को अंदर जाने में परेशानी हो रही है। इसके चलते ब्लास्ट फर्नेस, सिंटर प्लांट और स्टील मेल्टिंग शॉप (एसएमएस-1 एवं एसएमएस-2) समेत प्रमुख उत्पादन इकाइयों का परिचालन ठप होने की बात कही गई है।
संयंत्र प्रबंधन के अनुसार, इस व्यवधान से प्रतिदिन लगभग 30 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति होने का अनुमान है। लंबे समय तक परिचालन बाधित रहने से उत्पादन के साथ औद्योगिक सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।
प्रबंधन का कहना है कि बोकारो स्टील प्लांट संवेदनशील औद्योगिक प्रतिष्ठान है, जहां उच्च तापमान, लिक्विड स्टील और औद्योगिक गैस प्रणालियों की लगातार निगरानी आवश्यक है। प्रवेश द्वार बंद रहने से संयंत्र परिसर में मौजूद कुछ कर्मचारी 18 घंटे से अधिक समय से फंसे होने तथा भोजन-पेयजल की कमी का सामना करने की बात भी कही गई है।
हालांकि, प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि अब तक गैस रिसाव या किसी दुर्घटना की सूचना नहीं है। फिर भी लंबे व्यवधान से सुरक्षा प्रक्रियाओं के सुचारु संचालन को लेकर चिंता जताई गई है।
सेल प्रबंधन ने राजकीय प्रशासन से हस्तक्षेप कर प्रवेश द्वार खुलवाने और संयंत्र का परिचालन सामान्य कराने की अपील की है।



