
रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में विकास योजनाओं, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क, शिक्षा और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य में पेयजल संकट दूर करने के लिए 263 प्रखंडों में 7,890 चापाकल लगाने की योजना स्वीकृत की गई। इस पर करीब 96.55 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कैबिनेट ने गोड्डा में 50 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले पशु आहार कारखाने की स्थापना के लिए 51.49 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी। इसकी क्षमता भविष्य में 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन तक बढ़ाई जा सकेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर परिसर में 500 बेड के अस्पताल निर्माण के लिए 545.38 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। वहीं, झारखंड मेडिको सिटी के आधारभूत ढांचे के निर्माण के लिए 284.17 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। रांची सदर अस्पताल में कैथ लैब स्थापना के लिए 9.90 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
सिंचाई के क्षेत्र में सरायकेला-खरसावां के नीमडीह और कुकड़ू प्रखंडों में भूमिगत पाइपलाइन से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 607.03 करोड़ रुपये की मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी मिली। हजारीबाग की लोटिया जलाशय योजना के पुनरुद्धार और मुख्य नहरों की लाइनिंग के लिए 32.17 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
इसके अलावा, राज्य में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एकीकृत पोर्टल विकसित करने, सभी थानों में सीसीटीवी लगाने से संबंधित लंबित भुगतान और अगली विधानसभा की विशेष बैठकें 25 व 26 नवंबर को आयोजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।



