रांची: समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरला बिरला विश्वविद्यालय में विधिक सहायता क्लिनिक शुरू किया गया। इसका उद्घाटन 2 नवंबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने वर्चुअल माध्यम से किया। कार्यक्रम देवघर सिविल कोर्ट में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के शिविर के दौरान आयोजित हुआ।

मौके पर सर्वोच्च न्यायालय एवं झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय परिसर में महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. सी. जगनाथन, कुलसचिव प्रो. एसबी दंडीन सहित न्यायिक अधिकारी एवं शिक्षक शामिल हुए।
क्लिनिक के माध्यम से जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी परामर्श मिलेगा। साथ ही विधि विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में विधिक जागरूकता अभियान चलाने की योजना है।



