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JSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारी

August 19, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

राँची (ख़बर आजतक) : रांची में सोमवार की शाम झारखंड मंत्रालय और प्रोजेक्ट भवन के आसपास अचानक सियासी और प्रशासनिक माहौल गरमा गया। JSSC-CGL परीक्षा पास कर सरकारी सेवा में महज सात महीने पहले नियुक्त हुए बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी नौकरी बचाने के लिए सड़क पर उतर आए। उन्होंने मानव श्रृंखला बनाकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि छात्रों के आंदोलन के दबाव में ऐसा कोई फैसला न लिया जाए, जिससे उनकी नियुक्ति प्रभावित हो।


इसी बीच कैबिनेट की आपात बैठक के बाद सरकार ने JPSC के साथ JSSC-CGL परीक्षा को भी रद्द करने की घोषणा कर दी। फैसला सामने आते ही कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि “भीड़ तंत्र जीत गया और सिस्टम हार गया।” उनका कहना था कि उन्होंने कड़ी मेहनत और प्रतियोगिता के बाद नौकरी हासिल की है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।


प्रोजेक्ट भवन के गेट पर बैठे अवधेश ने कहा कि सरकार ने कुछ ही पल में उनकी नौकरी खत्म कर दी। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि सरकार या CID चाहे तो प्रत्येक सफल अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका की जांच करा सकती है, लेकिन उन्हें विश्वास है कि किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश से नियुक्ति मिली थी और अब न्यायालय ही उनकी नौकरी बचाएगा।


मुख्यमंत्री का काफिला निकलने के बाद मंत्रालय परिसर में मौजूद कर्मचारियों ने मंत्रियों के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ कर्मचारी मुख्य गेट के सामने बैठ गए। स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। रांची के एसएसपी, सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। देर रात तक प्रोजेक्ट भवन परिसर और आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील रहा।

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