BREAKING NEWS
वन क्षेत्रों का डिजिटल रिकॉर्ड और उपयोगी पौधरोपण पर सरकार का जोररांची पहली बार करेगा डूरंड कप-2026 की मेजबानी, 26 जुलाई से होंगे मुकाबलेडेंगू-चिकुनगुनिया रोकथाम के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षणजेपीएससी कार्यालय घेराव के लिए 22 जुलाई को भाजपा युवा मोर्चा का प्रदर्शननगरपालिकाओं की कार्यप्रणाली में बदलाव जरूरी : सरयू रायश्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस : इरफान अंसारीवन क्षेत्रों का डिजिटल रिकॉर्ड और उपयोगी पौधरोपण पर सरकार का जोररांची पहली बार करेगा डूरंड कप-2026 की मेजबानी, 26 जुलाई से होंगे मुकाबलेडेंगू-चिकुनगुनिया रोकथाम के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षणजेपीएससी कार्यालय घेराव के लिए 22 जुलाई को भाजपा युवा मोर्चा का प्रदर्शननगरपालिकाओं की कार्यप्रणाली में बदलाव जरूरी : सरयू रायश्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस : इरफान अंसारी
Uncategorized

पीजी क्लस्टर सिस्टम के विरोध में बाबूलाल मरांडी से मिले रोहित दुबे

July 20, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: रांची विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य रोहित दुबे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से मुलाकात कर विश्वविद्यालयों में प्रस्तावित एवं लागू ‘क्लस्टर सिस्टम’ का विरोध किया। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि स्नातकोत्तर (पीजी) विभागों के केंद्रीकरण से गरीब, ग्रामीण और जनजातीय विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा प्रभावित होगी।

उनका कहना था कि दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्र आर्थिक कारणों से एक केंद्र पर पढ़ाई नहीं कर पाएंगे, जिससे वे शिक्षा से वंचित हो सकते हैं। रोहित दुबे ने इसे नई शिक्षा नीति की विकेंद्रीकरण और समावेशिता की भावना के विपरीत बताया तथा कहा कि इस मुद्दे पर पहले राज्यपाल को भी ज्ञापन दिया जा चुका है। उन्होंने बाबूलाल मरांडी से आगामी विधानसभा सत्र में इस विषय को उठाकर क्लस्टर सिस्टम को निरस्त कराने की मांग की।

← कायस्थ शिरोमणि सेवा ट्रस्ट का 7वां स्थापना दिवस, स्वास्थ्य शिविर आयोजि लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की मांग, निष्पक्ष जांच करे पुलिस : जगदीश रवानी →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।