BREAKING NEWS
ईएसएल स्टील ने तकनीकी कौशल प्रशिक्षण केंद्र का किया उद्घाटन, कर्मचारियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षणस्व. फुटबॉलर कजरा मुर्मू को श्रद्धांजलि, परिजनों को फाउंडेशन ने दी आर्थिक सहायतातेनुघाट पुलिस की पहल: नवोदय विद्यालय में बच्चों को साइबर क्राइम और पोक्सो एक्ट की दी जानकारीगंभीर औद्योगिक अशांति को न्योता दे रहा है वर्तमान बीएसएल प्रबंधन: कुमार अमितसेवा संकल्प अभियान के तहत बच्चों ने रंगों में उकेरा विकसित भारत का सपनारोजगार भारती महिला आजीविका संकुल संगठन की वार्षिक आम सभा का किया गया आयोजितईएसएल स्टील ने तकनीकी कौशल प्रशिक्षण केंद्र का किया उद्घाटन, कर्मचारियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षणस्व. फुटबॉलर कजरा मुर्मू को श्रद्धांजलि, परिजनों को फाउंडेशन ने दी आर्थिक सहायतातेनुघाट पुलिस की पहल: नवोदय विद्यालय में बच्चों को साइबर क्राइम और पोक्सो एक्ट की दी जानकारीगंभीर औद्योगिक अशांति को न्योता दे रहा है वर्तमान बीएसएल प्रबंधन: कुमार अमितसेवा संकल्प अभियान के तहत बच्चों ने रंगों में उकेरा विकसित भारत का सपनारोजगार भारती महिला आजीविका संकुल संगठन की वार्षिक आम सभा का किया गया आयोजित
Uncategorized

फिजियोथेरेपी से स्वस्थ जीवनशैली का संदेश, वाईबीएन में जागरूकता कार्यक्रम

September 11, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: वाईबीएन यूनिवर्सिटी में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को नियमित व्यायाम, शारीरिक सक्रियता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया। वर्ष 2026 की थीम हृदय संबंधी रोगों और स्ट्रोक की रोकथाम, प्रबंधन एवं पुनर्वास में फिजियोथेरेपी तथा शारीरिक गतिविधि की भूमिका पर केंद्रित है।

कार्यक्रम में एनसीएएचपी सदस्य डॉ. अभय पांडेय, विनोबा भावे यूनिवर्सिटी के फिजियोथेरेपी विभाग के एचओडी एवं झारखंड फिजियोथेरेपी काउंसिल के सदस्य डॉ. राहुल कुमार, रिम्स के सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. देवेन्द्र मुंडा एवं डॉ. स्मृति समेत अन्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली में शारीरिक निष्क्रियता स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन रही है।

उन्होंने नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। विद्यार्थियों ने बताया कि फिजियोथेरेपी हृदय रोग और स्ट्रोक के बाद बेहतर पुनर्वास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

← मतदाता सूची में विदेशी नागरिकों के नाम पर भाजपा ने उठाए सवाल चुप्पी तोड़ें, संवाद बढ़ाएं और निराशा को आशा में बदलें : शशि प्रकाश झा →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।