BREAKING NEWS
ईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की प्राथमिकी मामले में हेमंत सोरेन पर ₹10 हजार जुर्मानागांधी-शास्त्री के आदर्शों से विद्यार्थियों को कराया रूबरूएस‌आईआर-2026 की विसंगतियों को लेकर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापनसीसीएल के रक्तदान शिविर में 191 कर्मियों ने किया स्वैच्छिक रक्तदानराज्यपाल से मिले चैंबर के नवनिर्वाचित पदाधिकारी, कारोबार और निवेश पर हुई चर्चागांधी के सत्य-अहिंसा के विचार आज भी प्रासंगिक : परमजीत कौरईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की प्राथमिकी मामले में हेमंत सोरेन पर ₹10 हजार जुर्मानागांधी-शास्त्री के आदर्शों से विद्यार्थियों को कराया रूबरूएस‌आईआर-2026 की विसंगतियों को लेकर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापनसीसीएल के रक्तदान शिविर में 191 कर्मियों ने किया स्वैच्छिक रक्तदानराज्यपाल से मिले चैंबर के नवनिर्वाचित पदाधिकारी, कारोबार और निवेश पर हुई चर्चागांधी के सत्य-अहिंसा के विचार आज भी प्रासंगिक : परमजीत कौर
Uncategorized

मांडर कॉलेज में शिक्षक नहीं, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित : एनएसयूआई

August 21, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: मांडर महाविद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों की कमी को लेकर एनएसयूआई ने रांची विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। एनएसयूआई रांची विश्वविद्यालय महासचिव सह छात्र नेता राफे ने कहा कि कॉलेज में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि कॉमर्स विभाग में एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि उर्दू और नागपुरी जैसे विषय भी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। राफे ने कहा कि शिक्षक नहीं होंगे तो नियमित कक्षाओं का संचालन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं है। ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों से विद्यार्थी बेहतर शिक्षा की उम्मीद लेकर कॉलेज पहुंचते हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी उनके भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। उन्होंने रांची विश्वविद्यालय प्रशासन से विषयवार पर्याप्त शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति करने की मांग की। साथ ही शैक्षणिक व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कर विद्यार्थियों के हित में ठोस कदम उठाने की अपील की।

← सीए बनकर वित्तीय क्षेत्र में बनाएं बेहतर करियर : विशेषज्ञ मच्छर भगाने की अगरबत्ती का धुआं बना काल, परिवार के चार लोग बेहोश →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।