BREAKING NEWS
जेकेएस कॉलेज में मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर, 150 मरीजों का हुआ उपचारगोमिया : चिपरी में चोरों का कहर, एक रात में तीन घरों से लाखों की संपत्ति की चोरी11 सितंबर को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल, झारखंड में भी प्रभावित होंगी सेवाएंसहयोगिनी के संग बेटियों ने ली बाल विवाह मुक्त भारत बनाने की शपथसुंदरम स्टील की पर्यावरणीय लोक सुनवाई का ग्रामीणों ने किया विरोधकोल्हान विश्वविद्यालय: अकादमिक परिषद के सदस्य बनाए गए कुणाल अजमानीजेकेएस कॉलेज में मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर, 150 मरीजों का हुआ उपचारगोमिया : चिपरी में चोरों का कहर, एक रात में तीन घरों से लाखों की संपत्ति की चोरी11 सितंबर को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल, झारखंड में भी प्रभावित होंगी सेवाएंसहयोगिनी के संग बेटियों ने ली बाल विवाह मुक्त भारत बनाने की शपथसुंदरम स्टील की पर्यावरणीय लोक सुनवाई का ग्रामीणों ने किया विरोधकोल्हान विश्वविद्यालय: अकादमिक परिषद के सदस्य बनाए गए कुणाल अजमानी
Uncategorized

मच्छर भगाने की अगरबत्ती का धुआं बना काल, परिवार के चार लोग बेहोश

August 21, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: राजधानी की सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के हेसाहातु गांव में बंद कमरे में मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती जलाकर सोना एक परिवार के लिए जानलेवा साबित होते-होते बचा। धुएं के कारण दम घुटने से परिवार के चार सदस्य बेहोश हो गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। जानकारी के अनुसार अशोक दत्ता (47), पत्नी लक्ष्मी (42), बेटी ब्यूटी (14) और बेटा महावीर (12) खाना खाने के बाद एक ही कमरे में सोए थे। कमरे में मच्छर भगाने के लिए अगरबत्ती जलाकर दरवाजे-खिड़कियां बंद कर दी गई थीं। सुबह पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया तो महावीर ने किसी तरह दरवाजा खोला। अंदर तीन लोग बेहोश मिले। सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में मुरी के नर्सिंग होम रेफर किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार बंद कमरे में कॉइल या अगरबत्ती का धुआं जहरीला हो सकता है।

← मांडर कॉलेज में शिक्षक नहीं, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित : एनएसयूआई 25 लाख नौकरियों का सपना दिखाकर युवाओं को छल रही सरकार : सुदेश महतो →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।