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मिच्छामी दुक्कड़म्… जैन श्रावकों ने संवत्सरी दिवस पर मनाया आस्था, संयम और क्षमा का पर्व

Khaberaajtak@gmail.com1 min read

बोकारो। चास-बोकारो का आध्यात्मिक वातावरण मंगलवार की संध्या भक्ति, आत्मसाधना और क्षमावाणी के पावन भाव से सराबोर हो उठा। जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा के तत्वावधान में पर्युषण पर्व के अंतिम दिन की पूर्व संध्या पर चास स्थित माणिक चंद छल्लानी के प्रांगण में संवत्सरी दिवस का भव्य एवं भावपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया।

संवत्सरी जैन धर्मावलंबियों के लिए आत्मशुद्धि, आत्मनिरीक्षण और क्षमायाचना का विशेष अवसर माना जाता है। आठ दिनों की साधना, तप, स्वाध्याय और ध्यान के बाद आए इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए सभी जीवों से मन, वचन और काया से क्षमा मांगी। अनेक श्रद्धालुओं ने दिनभर निर्जला उपवास रखकर आत्मसंयम और तप की साधना की तथा 84 लाख जीवयोनियों के प्रति क्षमाभाव प्रकट किया।

कार्यक्रम में उपासिका श्रीमती शांति गुजरानी एवं सहयोगिनी सुश्री निहारिका सिंघी ने संवत्सरी पर्व के आध्यात्मिक एवं दार्शनिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्युषण पर्व का मूल उद्देश्य बाहरी आडंबर से दूर होकर आत्मनिरीक्षण करना और अपने भीतर के विकारों को दूर करना है। उन्होंने भगवान महावीर के 27 भवों, जन्म, कठोर दीक्षा, परीषह सहन करने की अदम्य शक्ति, कैवल्य ज्ञान तथा पावन चातुर्मास की चर्चा करते हुए उनके जीवन और संदेशों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज विभिन्न प्रकार के वैमनस्य और तनाव से जूझ रहा है, ऐसे में भगवान महावीर के अहिंसा, अनेकांत और अपरिग्रह के सिद्धांत पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। इन सिद्धांतों को जीवन में अपनाकर समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत किया जा सकता है।

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे से हृदय से “मिच्छामी दुक्कड़म्” कहकर क्षमा मांगी और क्षमा प्रदान की। राग-द्वेष और मनमुटाव को पीछे छोड़ श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गले लगाया। इस दौरान पूरे परिसर में भावनात्मक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

“अहिंसा परमो धर्मः” और “जिओ और जीने दो” के संदेश को आत्मसात करते हुए संवत्सरी पर्व ने चास-बोकारो से आपसी मैत्री, शांति, क्षमा और निश्छल प्रेम का संदेश दिया।

मौके पर श्रेयस चौरड़िया, दिव्य बैद, सुशील बैद, प्रमोद चौरड़िया, सिद्धार्थ, माणिक छल्लानी, उषा लोढ़ा, निकिता, पुष्पा भठेरा, सरोज छल्लानी सहित तेरापंथ समाज के दर्जनों श्रद्धालु उपस्थित थे। कार्यक्रम की जानकारी तेरापंथ समाज के मीडिया प्रभारी सुरेश बोथरा ने दी।

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