
रामगढ़ : झारखंड के रामगढ़ जिले ने ग्रामीण विकास और सामुदायिक भागीदारी की दिशा में नई मिसाल पेश की है। जिले के 237 गांवों में ग्रामीणों ने प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े 9,000 से अधिक कार्यों की मांग डिजिटल माध्यम से दर्ज कराई है। इनमें कुआं, रिचार्ज पिट, पशु शेड और पोषण वाटिका जैसे कार्य शामिल हैं। सभी मांगों को जियो टैग कर युक्तधारा पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
इस पहल में स्वयंसेवी संस्था प्रदान (PRADAN) ने जिला प्रशासन के सहयोग से ओपन-सोर्स ऐप ‘कॉमन्स कनेक्ट’ का इस्तेमाल किया। छह प्रखंडों में टीमों ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर स्थानीय जरूरतों की पहचान की और कार्यों का स्थान, माप तथा लाभार्थियों का विवरण दर्ज किया।
डीडीसी आशीष अग्रवाल ने कहा कि यह ऐप वैज्ञानिक और जीआईएस आधारित योजना निर्माण का माध्यम है। इससे गांव की भौगोलिक स्थिति, जलधाराओं और जमीन की उपयोगिता के अनुसार सही स्थान पर विकास कार्यों का चयन संभव होगा।
वीबी-जी राम जी के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों के रोजगार की गारंटी है। ऐसे में ग्राम पंचायतों की योजनाओं को युक्तधारा से जोड़ना महत्वपूर्ण होगा। बोकारो, गोड्डा, खूंटी और लोहरदगा में भी यह पहल की गई है। इस मॉडल से ग्रामीणों की जरूरतों को सरकारी योजनाओं में शामिल करने और जल संरक्षण सहित टिकाऊ ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।



