BREAKING NEWS
खान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथखान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
Uncategorized

राष्ट्रीय परामर्श में झारखंड ने पर्यटन निवेश की संभावनाएं रखीं

July 11, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची/नई दिल्ली: राष्ट्रीय हितधारक परामर्श-2026 के दूसरे दिन नई दिल्ली में आयोजित सत्र में झारखंड ने पर्यटन निवेश और समावेशी विकास की अपनी रणनीति प्रस्तुत की। राज्य सरकार ने बताया कि वर्ष 2024 में झारखंड में 5.85 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिनमें 4.40 करोड़ श्रद्धालु शामिल थे।

सरकार पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निजी निवेश, पर्यटन अवसंरचना और रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रही है। प्रस्तावित पर्यटन नीति-2026, होमस्टे नीति, डिजिटल सिंगल विंडो व्यवस्था तथा इको, धार्मिक, साहसिक, वन्यजीव और जनजातीय पर्यटन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। होटल, रिसॉर्ट, रोपवे, स्काईवॉक, वाटर स्पोर्ट्स और होमस्टे परियोजनाओं में निवेश के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया।

पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि झारखंड केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी देशभर में पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि नई होमस्टे नीति स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करेगी। कार्यक्रम में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, डॉ. इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की भी उपस्थित रहे।

← पर्यटन व निवेश का नया केंद्र बनेगा झारखंड : शिल्पी नेहा तिर्की जेएससीए स्टेडियम भगदड़ मामले में 100-150 अज्ञात पर एफआईआर →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।