BREAKING NEWS
स्वर्णनालिका ज्वेलर्स एंड साड़ीज में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का होगा भव्य सम्मानबोड़ेया में जन्माष्टमी, राज्यपाल ने किया स्तुति का लोकार्पणकविता वाचन में डीएवी गांधीनगर के नब्यांश ने जीता सांत्वना पुरस्कारएआईपीसी झारखंड ने के. राजू को सौंपा विजन डॉक्यूमेंटसीसीएल में साइबर सुरक्षा पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजितकैंब्रियन पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस पर गुरुजनों को किया नमनस्वर्णनालिका ज्वेलर्स एंड साड़ीज में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का होगा भव्य सम्मानबोड़ेया में जन्माष्टमी, राज्यपाल ने किया स्तुति का लोकार्पणकविता वाचन में डीएवी गांधीनगर के नब्यांश ने जीता सांत्वना पुरस्कारएआईपीसी झारखंड ने के. राजू को सौंपा विजन डॉक्यूमेंटसीसीएल में साइबर सुरक्षा पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजितकैंब्रियन पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस पर गुरुजनों को किया नमन
Uncategorized

दिव्यांग महिलाओं के अधिकारों पर कार्यशाला, समान अवसर और आत्मनिर्भरता पर जोर

August 25, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

बोकारो : दिव्यांग महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से सहयोगिनी संस्था की ओर से बहादुरपुर स्थित कार्यालय में “दिव्यांग महिलाओं के अधिकार” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन शशि भूषण पांडेय ने दिव्यांग महिलाओं के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिव्यांग महिलाओं को सम्मानपूर्वक जीवन, शिक्षा, रोजगार, आजीविका और सार्वजनिक सेवाओं तक समान पहुंच का अधिकार है।
रिसोर्स पर्सन चंचला कुमारी ने समान अवसर, सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता पर चर्चा करते हुए कहा कि दिव्यांग महिलाओं को सहानुभूति नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और निर्णय लेने की स्वतंत्रता चाहिए। शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़ाव के माध्यम से उन्हें मजबूत बनाया जा सकता है।
सहयोगिनी की मंजू देवी ने कहा कि दिव्यांग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। संस्था के निदेशक गौतम सागर ने जागरूकता अभियान जारी रखने की बात कही। कार्यक्रम में कई महिलाएं और संस्था के सदस्य उपस्थित रहे।

← नल-जल योजना के बावजूद पंचायत में लगाए गए पांच जलमीनार, अनियमितता का आरोप सावन की संस्कृति, कला और संगीत से सजा वाईबीएन विश्वविद्यालय →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।