
रांची: विश्व स्ट्रोक दिवस पर सदर अस्पताल, रांची के न्यूरोसर्जरी विभाग में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्ट्रोक के लक्षण, बचाव और समय पर उपचार के महत्व की जानकारी दी गई।
न्यूरोसर्जन डॉ. विकास कुमार ने बताया कि चेहरे का एक तरफ झुकना, हाथ-पैर में अचानक कमजोरी, बोलने में परेशानी तथा देखने या चलने में दिक्कत स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाना चाहिए। इलाज में देरी जानलेवा हो सकती है।
उन्होंने उच्च रक्तचाप, मधुमेह, धूम्रपान और मोटापे को स्ट्रोक के प्रमुख जोखिम कारक बताया। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और रक्तचाप पर नियंत्रण से खतरा कम किया जा सकता है।
उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से आम लोगों को जागरूक करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र कुमार सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।



