
रांची: पारस एचईसी हॉस्पिटल में दुर्लभ जन्मजात हृदय रोग एब्सटीन एनोमली से पीड़ित करीब 17 वर्षीय किशोर की जटिल हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। पूरा इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत हुआ। सर्जरी चीफ कार्डियक सर्जन डॉ. कुणाल हजारी की देखरेख में की गई।
डॉक्टरों के अनुसार मरीज पिछले दो वर्षों से बीमारी से परेशान था और अस्पताल पहुंचने के समय हार्ट फेलियर की स्थिति में था। जांच में हृदय वाल्व में गंभीर विकृति के साथ हृदय में छेद और अन्य संरचनात्मक विसंगतियां मिलीं। पहले मरीज को दो-तीन दिन स्थिर किया गया, इसके बाद ऑपरेशन किया गया। सर्जरी में खराब वाल्व को बदला गया और हृदय के छेद समेत अन्य विसंगतियों को ठीक किया गया।
ऑपरेशन के पांच दिन बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फॉलो-अप जांच में उसकी स्थिति संतोषजनक पाई गई और अब वह स्कूल जाने लगा है। डॉक्टर ने बताया कि मेटालिक वाल्व के कारण उसे जीवनभर रक्त पतला करने वाली दवा और नियमित आईएनआर जांच करानी होगी। अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि समय पर इलाज से मरीज सामान्य जीवन की ओर लौट सका।
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