BREAKING NEWS
खान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथखान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
Uncategorized

छात्रों को अविलंब स्थानीय प्रमाणपत्र जारी करने की मांग, युवा आजसू ने सीओ से की मुलाकात

June 29, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: युवा आजसू ने झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड की नामांकन प्रक्रिया को देखते हुए छात्रों को अविलंब स्थानीय प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की है। सोमवार को युवा आजसू की रांची महानगर इकाई ने महानगर अध्यक्ष अमित यादव के नेतृत्व में अरगोड़ा अंचलाधिकारी सुदीप्त राज से मुलाकात कर स्थानीय प्रमाणपत्र निर्गत करने में हो रही देरी पर चिंता जताई।

जिप सदस्य हाकिम अंसारी ने कहा कि झारखण्ड प्रवेश परीक्षा प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड में आवेदन की अंतिम तिथि 2 जुलाई निर्धारित है, लेकिन कई छात्रों का स्थानीय दर्जा सत्यापित नहीं होने से उन्हें नामांकन में कठिनाई हो रही है। अमित यादव ने कहा कि प्रमाणपत्र निर्गत करने में देरी से विद्यार्थियों का एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है। अंचलाधिकारी ने प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में इम्तियाज अहमद नजमी, परवाज खान, प्रताप सिंह, सौरव यादव, नीतिश राज और अमन कुमार समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।

← राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल हुईं दीपिका पांडेय सिंह, महात्मा गांधी के नाम नई योजना की मांग रांची में एम्स और रिम्स-2 के लिए ₹2000 करोड़ की मांग, केंद्र के समक्ष उठाए कई स्वास्थ्य मुद्दे →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।