BREAKING NEWS
रॉयल्टी चालान और शिक्षा मुद्दे पर सियासत तेज, चैंबर ने नियम स्थगन तो कांग्रेस ने सुधार की उठाई मांगरॉयल्टी चालान व्यवस्था पर झारखंड चैंबर ने जताई चिंता, मुख्यमंत्री से नियम स्थगित करने की मांगश्रावणी मेला 2026: वीआईपी दर्शन पर रोक, श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएंपेपर लीक मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा युवाओं की जीत: दीपिका पांडेय सिंहगंभीर फेफड़ा लोगों के इलाज में आधुनिक तकनीक पर यशोदा हॉस्पिटल का फोकसकैम्ब्रियन कांके रोड में फायरलेस कुकिंग व पौधारोपण कार्यक्रम आयोजितरॉयल्टी चालान और शिक्षा मुद्दे पर सियासत तेज, चैंबर ने नियम स्थगन तो कांग्रेस ने सुधार की उठाई मांगरॉयल्टी चालान व्यवस्था पर झारखंड चैंबर ने जताई चिंता, मुख्यमंत्री से नियम स्थगित करने की मांगश्रावणी मेला 2026: वीआईपी दर्शन पर रोक, श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएंपेपर लीक मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा युवाओं की जीत: दीपिका पांडेय सिंहगंभीर फेफड़ा लोगों के इलाज में आधुनिक तकनीक पर यशोदा हॉस्पिटल का फोकसकैम्ब्रियन कांके रोड में फायरलेस कुकिंग व पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित
Uncategorized

प्रो. गोपाल पाठक को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, सरला बिरला विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि

July 3, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: सरला बिरला विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक को शिक्षा, शोध एवं अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में आजीवन योगदान के लिए 7वें झारखंड एक्सीलेंस अवार्ड–2026 के तहत प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। रांची के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विधायक सी.पी. सिंह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि प्रो. पाठक के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। कुलाधिपति जयश्री मोहता, प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, कुलपति प्रो. सी. जगनाथन सहित विश्वविद्यालय परिवार ने प्रो. पाठक को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व में संस्थान के निरंतर प्रगति करने का विश्वास व्यक्त किया।

← जोन्हा जलप्रपात को विश्वस्तरीय इको-टूरिज्म स्थल बनाने की तैयारी, वन विभाग ने किया निरीक्षण मेकॉन को राजभाषा के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए नराकास का तृतीय पुरस्कार →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।