BREAKING NEWS
रॉयल्टी चालान और शिक्षा मुद्दे पर सियासत तेज, चैंबर ने नियम स्थगन तो कांग्रेस ने सुधार की उठाई मांगरॉयल्टी चालान व्यवस्था पर झारखंड चैंबर ने जताई चिंता, मुख्यमंत्री से नियम स्थगित करने की मांगश्रावणी मेला 2026: वीआईपी दर्शन पर रोक, श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएंपेपर लीक मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा युवाओं की जीत: दीपिका पांडेय सिंहगंभीर फेफड़ा लोगों के इलाज में आधुनिक तकनीक पर यशोदा हॉस्पिटल का फोकसकैम्ब्रियन कांके रोड में फायरलेस कुकिंग व पौधारोपण कार्यक्रम आयोजितरॉयल्टी चालान और शिक्षा मुद्दे पर सियासत तेज, चैंबर ने नियम स्थगन तो कांग्रेस ने सुधार की उठाई मांगरॉयल्टी चालान व्यवस्था पर झारखंड चैंबर ने जताई चिंता, मुख्यमंत्री से नियम स्थगित करने की मांगश्रावणी मेला 2026: वीआईपी दर्शन पर रोक, श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएंपेपर लीक मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा युवाओं की जीत: दीपिका पांडेय सिंहगंभीर फेफड़ा लोगों के इलाज में आधुनिक तकनीक पर यशोदा हॉस्पिटल का फोकसकैम्ब्रियन कांके रोड में फायरलेस कुकिंग व पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित
Uncategorized

भय और अराजकता के माहौल में निवेश की बात बेमानी : रविनाथ किशोर

July 4, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रविनाथ किशोर ने कहा कि झारखंड में व्याप्त भय, असुरक्षा और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के बीच निवेश आकर्षित करने की बातें केवल दिखावा हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि निवेशक सम्मेलनों और विदेश यात्राओं के बाद राज्य में अब तक कितना निवेश आया, कितनी परियोजनाएं धरातल पर उतरीं और युवाओं को कितना रोजगार मिला।

उन्होंने कहा कि निवेश के लिए बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासन और निवेशकों का भरोसा जरूरी है, लेकिन झारखंड में अपराध और प्रशासनिक अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार के पास विकास की स्पष्ट कार्ययोजना का अभाव है और वित्तीय अव्यवस्था के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार को सबसे पहले कानून-व्यवस्था और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करना होगा।

← कैंब्रियन पब्लिक स्कूल में इंटर हाउस फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित सरयू के नेतृत्व में सोनारी, बिष्टुपुर, कदमा, मानगो और साकची में स्वतःस्फूर्त बंद →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।