झारखण्ड राँची

सरला बिरला विश्वविद्यालय में ‘चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास’ कार्यशाला का समापन

राँची (ख़बर आजतक) : सरला बिरला विश्वविद्यालय में ‘चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व के समग्र विकास’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। संस्कृति संवर्धन प्रतिष्ठानम, नई दिल्ली की डॉ. चांद किरण सलूजा ने आनंदमय कोश पर व्याख्यान देते हुए कहा कि अपनी ऊर्जा को पहचानना ही आनंद की अनुभूति है।

अनुशासित जीवन संगीत बनता है, जबकि अनुशासनहीनता शोर में बदल जाती है। उन्होंने शिक्षा नीति के प्रथम सिद्धांत—बच्चों के स्वभाव को समझकर उसका विकास करने—पर बल दिया।
डॉ. राजेश्वर पराशर ने पंचकोश की व्यावहारिक उपयोगिता और मानवीय मूल्यों के पुनर्स्थापन पर प्रकाश डाला। प्रेजेंटेशन सत्र में समूहों ने कोश आधारित सार प्रस्तुत किए। समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षक एवं विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Related posts

बोकारो में नमामि गंगे अभियान, नदियों को स्वच्छ रखने का लिया संकल्प

admin

राज्यसभा सांसद डॉ महुआ माजी को विभिन्न पूजा समितियों ने किया आमंत्रित

admin

9 जुलाई की देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में बैंक और बीमा कर्मियों का चास-बोकारो में जोरदार प्रदर्शन

admin

Leave a Comment