आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री से मांगा जवाब, पेयजल विभाग का खर्च सबसे कम

रांची: झारखंड में वित्तीय वर्ष 2026-27 के सात महीने बीतने के बावजूद विकास बजट का महज 29.38 प्रतिशत खर्च होने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बजट खर्च की धीमी रफ्तार पर जवाब देने और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
आदित्य साहू ने कहा कि 22 अक्टूबर तक राज्य के 1,06,200.94 करोड़ रुपये के योजना बजट में से केवल 31,196.72 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बजट में घोषणाएं तो करती है, लेकिन योजनाओं को जमीन पर उतारने में विफल है। उनके अनुसार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने महज 4.88 प्रतिशत, ग्रामीण विकास विभाग ने 11.59 प्रतिशत, नगर विकास ने 15.94 प्रतिशत, कल्याण विभाग ने 15.69 प्रतिशत और पथ निर्माण विभाग ने 19.79 प्रतिशत राशि खर्च की है।
आदित्य साहू ने कहा कि कम खर्च के कारण सड़क, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संवेदकों का भुगतान लंबित रहने से निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट है। उन्होंने विभागवार खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने, कम खर्च करने वाले विभागों की जवाबदेही तय करने और योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की मांग की।



