BREAKING NEWS
डीएसपीएमयू में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्गठन, नमिता सिंह बनीं डीनईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की प्राथमिकी मामले में हेमंत सोरेन पर ₹10 हजार जुर्मानागांधी-शास्त्री के आदर्शों से विद्यार्थियों को कराया रूबरूएस‌आईआर-2026 की विसंगतियों को लेकर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापनसीसीएल के रक्तदान शिविर में 191 कर्मियों ने किया स्वैच्छिक रक्तदानराज्यपाल से मिले चैंबर के नवनिर्वाचित पदाधिकारी, कारोबार और निवेश पर हुई चर्चाडीएसपीएमयू में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्गठन, नमिता सिंह बनीं डीनईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की प्राथमिकी मामले में हेमंत सोरेन पर ₹10 हजार जुर्मानागांधी-शास्त्री के आदर्शों से विद्यार्थियों को कराया रूबरूएस‌आईआर-2026 की विसंगतियों को लेकर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापनसीसीएल के रक्तदान शिविर में 191 कर्मियों ने किया स्वैच्छिक रक्तदानराज्यपाल से मिले चैंबर के नवनिर्वाचित पदाधिकारी, कारोबार और निवेश पर हुई चर्चा
Uncategorized

37,499 विस्थापित परिवारों के नियोजन का विस्तृत ब्योरा मांगा, 5 सितंबर तक सूची देने का निर्देश

August 17, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

बोकारो : समाहरणालय में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में बीएसएल प्रबंधन एवं अप्रेंटिस विस्थापित संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में विस्थापितों के नियोजन, अप्रेंटिसशिप और लंबित समस्याओं पर चर्चा की गई।


बैठक के दौरान डीपीएलआर, बीएसएल प्रबंधन और संघ द्वारा प्रस्तुत नियोजन संबंधी आंकड़ों में विरोधाभास सामने आया। इस पर उपायुक्त ने बीएसएल प्रबंधन को निर्देश दिया कि कुल 37,499 प्रभावित विस्थापित परिवारों में कितने परिवारों के सदस्यों को नियोजन मिला है, इसकी विस्तृत सूची पांच सितंबर तक उपलब्ध कराई जाए।


डीपीएलआर को नियोजन प्राप्त विस्थापित परिवारों की सूची ऑनलाइन उपलब्ध कराने तथा अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं में से नियोजन पाने वालों की अद्यतन सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया। श्रम अधीक्षक से भी प्रतिवेदन मांगा गया।


उपायुक्त ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने और सभी पक्षों से तथ्य पारदर्शी ढंग से प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में 19 गांवों को पंचायत का दर्जा देने तथा विस्थापितों के लिए आरक्षित कार्यों में हिस्सेदारी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

← श्रावणी मेले में कांवरियों की सेवा में जुटी ‘इस्पात संजीवनी’, सैकड़ों श्रद्धालुओं को मिली चिकित्सा सुविधा 130 नए बच्चों को प्रायोजन योजना से जोड़ने की मिली मंजूरी, दुर्घटना में अनाथ बच्चों को भी मिलेगा योजना का लाभ →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।